ब्यूरो चीफ – राकेश मित्र
पखांजूर/ केंद्र की मोदी सरकार जनता को कितना भी आश्वस्त करते रहे कि ईरान और इजराइल अमरीकी युद्ध के कारण देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी,यह आश्वासन पूरी तरह झूठा ही साबित हुआ है। रसोई गैस के लिए आम उपभोक्ता परेशान है।सिर्फ उपभोक्ता परेशान ही नहीं है,बल्कि इस अवसर पर केंद्र सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक रसोई गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर जनता के जेब में डाका डाल रही है !
आज जारी एक प्रेस बयान में क्रांतिकारी विचार मंच के अध्यक्ष हरपाल सिंह ने बताया कि पश्चिम एशिया की युद्ध के बाद हमारे देश में भी रसोई गैस की किल्लत आम उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है।पखांजूर में भी रसोई गैस जो सामान्य स्थिति में आसानी से उपलब्ध हो जाया करता था अब उसके लिए उपभोक्ताओं को लंबे लंबे कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और उनका समय भी बर्बाद हो रहा है।खास कर दिहाड़ी मजदूर परिवारों को रसोई गैस के लिए अपनी मजदूरी को छोड़कर कतारों में खड़े होने को विवश है।इससे उनको दोहरी नुकसान उठाना पड़ रहा है।उनकी मजदूरी से वंचित होना पड़ रहा है और अधिक कीमत पर रसोई गैस खरीदना पड़ रहा है।सिंह ने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव आम जनता को प्राभावित किया है। बड़े शहरों के अनेक होटल,रेस्तरां बंद हो गया है।जिसका बुरा असर इन होटल,रेस्तोरां में कार्य करने वाले कर्मचारी और मजदूरों के रोजगार पर पड़ा है।विचार मंच के नेता ने कहा कि अभी तक पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में वृद्धि के लिए मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमत को जिम्मेदार ठहराता रहा है।जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत में कमी होने के बाद भी सरकार पेट्रोलियम पदार्थों में टैक्स में बढ़ोतरी कर जनता पर बोझ डालते रहा है।उन्होंने सरकार से मांग कि है कि सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की टैक्स में कमी कर जनता को राहत देने का काम करें । झूठा प्रचार कर देशवासियों को भ्रमित न कर वस्तुस्थिति जनता के समक्ष लाने की जरूरत है।ताकि रसोई गैस को लेकर जो स्थिति जनता में बनी हुई है उसे दूर किया जा सके।
प्रेषक हरपाल सिंह अध्यक्ष
क्रांतिकारी विचार मंच