बांदा जनपद के सदर तहसील में एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र बनवाने गए युवक निपुण मिश्रा निवासी ग्राम जमालपुर (देहात कोतवाली क्षेत्र) को कथित तौर पर लेखपाल सुधीर यादव एवं नायब तहसीलदार धनंजय पटेल सहित आधा दर्जन लोगों द्वारा बंधक बनाकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, इतना ही नहीं बाहर से लड़कों को बुलवाकर भी उसकी पिटाई कराई गई तथा जातिसूचक गालियां देते हुए अमानवीय व्यवहार किया गया, चश्मदीदों के अनुसार ब्राह्मण युवक को अपमानित करते हुए सार्वजनिक रूप से पीटा गया जिससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया, घटना के बाद ब्राह्मण समाज में नाराजगी देखी जा रही है और ब्राह्मण सभा के लोगों ने पीड़ित के समर्थन में हुंकार भरी है, बताया जा रहा है कि ₹5000 की कथित घूस न देने पर यह पूरी घटना घटित हुई, वहीं सदर एसडीएम नमन मेहता द्वारा पीड़ित से मिलने से इंकार कर देने और पूरे मामले में चुप्पी साध लेने से लोगों में और अधिक आक्रोश व्याप्त है, यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी बांदा सदर तहसील में भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें महिलाओं के साथ अभद्रता तक की घटनाएं शामिल हैं, यह मुद्दा किसी एक जाति या समुदाय का नहीं बल्कि पूरे समाज के साथ हो रहे अन्याय का है क्योंकि तहसील में आम जनता को लगातार परेशान किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
ब्यूरो चीफ ताहिर अली बांदा से