रिपोर्टर: जाकिर झंकार आहवा (डांग)
कलियुग में जब चारों ओर स्वार्थ, संकीर्णता, छल-कपट और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना हुआ है, ऐसे समय में ब्रह्मवादिनी पूज्य हेतल दीदी का संदेश है कि “मनुष्य, मनुष्य बन जाए तो बहुत है।”
पूज्य हेतल दीदी ने कहा कि अब “व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण संभव है।” मानवता के निर्माण हेतु लोगों को शिक्षा, संस्कृति और संस्कार के माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण और परमेश्वर की ओर प्रेरित करने का एक अद्भुत संकल्प लेकर यह अनोखा प्रयास किया जा रहा है।
निरंतर चल रहे इस सेवा यज्ञ में जय गोपाल गौसेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 2000 श्रीफलों का कीड़ी यज्ञ (जीव सेवा) किया गया। इसके साथ ही, शारदा मठ, गणदेवी द्वारा विभिन्न गांवों में 500 विधवा एवं विधुर भाई-बहनों को वस्त्र वितरित किए गए।
नवसारी के विपुलभाई और सुरेशभाई द्वारा युवाओं एवं बुजुर्गों के लिए 3000 टी-शर्ट का वितरण किया गया। ऋषभ चैरिटेबल ट्रस्ट के श्री अतुलभाई मेहता ने भी मानवता की महानता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
वालजीभाई और उनकी टीम द्वारा गौमाता के लिए चारे की व्यवस्था की गई। पूज्य हेतल दीदी द्वारा रात्रि ध्यान और सत्संग के माध्यम से संस्कारों का सिंचन किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में धनसुखभाई, तेजस्विनी संस्कृति परिवार, वालजीभाई एवं जय गोपाल गौसेवा परिवार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी को साध्वी यशोदा दीदी के आशीर्वाद भी प्राप्त हुए।