केशव साहू जिला ब्यूरो
डोंगरगढ़ – वंचित शोषित सामाजिक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मयूर हथेल हाल ही में दो दिवसीय दिल्ली प्रवास पर रहे, जहाँ उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के संवैधानिक निकायों के समक्ष गंभीर जनहित के मुद्दे उठाए।
दिल्ली प्रवास के दौरान श्री हथेल ने प्रियंक कानूनगो, सदस्य, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से औपचारिक मुलाकात कर सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के निरंतर हो रहे उल्लंघन, तथा विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा जानबूझकर अधूरी एवं भ्रामक जानकारी प्रदान किए जाने के गंभीर प्रकरणों को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया। उन्होंने इसे नागरिकों के मौलिक अधिकारों का प्रत्यक्ष हनन बताते हुए इस पर त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्यवाही की मांग की।
इसके अतिरिक्त, श्री हथेल ने श्री हरदीप सिंह गिल, उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग से भेंट कर छत्तीसगढ़ राज्य में प्रतिबंधित होने के बावजूद मैनुअल स्कैवेंजिंग की घटनाओं एवं उससे हो रही मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह न केवल “मैनुअल स्कैवेंजर्स के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013” का घोर उल्लंघन है, बल्कि यह मानवीय गरिमा के विरुद्ध एक गंभीर अपराध भी है।
श्री हथेल ने कहा कि सफाई कर्मचारी परिवारों के साथ हो रहा लगातार अन्याय, शोषण एवं प्रशासनिक उदासीनता अत्यंत निंदनीय है और यह स्थिति किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने संबंधित प्रकरणों में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा पीड़ित परिवारों को समुचित मुआवजा एवं पुनर्वास प्रदान करने की मांग की।
इस पर उपाध्यक्ष श्री हरदीप सिंह गिल ने मामलों को गंभीरता से लेते हुए न्यायोचित निराकरण एवं आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया, साथ ही निकट भविष्य में छत्तीसगढ़ का दौरा कर जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करने की बात कही।
साथ ही, प्रियंक कानूनगो द्वारा भी शीघ्र ही छत्तीसगढ़ दौरे पर आने की सहमति व्यक्त की गई है, जिससे संबंधित मामलों की उच्चस्तरीय जांच एवं निगरानी सुनिश्चित हो सके।
वंचित शोषित सामाजिक संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र ही ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, तो संगठन संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों के तहत व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।