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बजाग जनपद की ग्राम पंचायतों में रोजगार गारंटी योजना के तहत हुए निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। बजाग जनपद की ग्राम पंचायतों में रोजगार गारंटी योजना के तहत हुए निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।

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*रोजगार गारंटी योजना:अधिकारियों ने मिलीभगत से किया करोड़ों का भ्रष्टाचार, फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि का बंदरबांट!*

 

 

 

बजाग जनपद की ग्राम पंचायतों में रोजगार गारंटी योजना के तहत हुए निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सरकारी फाईलों के मुताबिक महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत एक एक ग्राम पंचायतों में बोल्डर चेकडैमों के निर्माण में पत्थर और परिवहन के नाम पर करोड़ों रुपए के बिल लगाये गए हैं। पत्थर और परिवहन के ज्यादातर बिल पूरी तरह से फर्जी हैं।

 

 

 

 

गुरुकृपा मटेरियल सप्लायर के नाम पर लगे बिल में जीएसटी नंबर GSTIN :23DHSPK8551A1ZA और पता बजाग मुख्यालय का दर्ज है। जब इस जीएसटी नंबर की पड़ताल की गई तो मालूम हुआ कि यह फर्म तो मंडला जिले में रजिस्टर्ड है और उसका ज्यूरिस्डिक्शन एरिया भी मंडला जिला तक ही सीमित है। इसके बजाग जनपद के दर्जनों ग्राम पंचायतों ने गुरुकृपा मटेरियल सप्लायर फर्म को करोड़ों रुपयों का भुगतान कर दिया।

 

 

 

फर्जीवाड़े का दूसरा अहम पहलु यह है कि बोल्डर चेकडैमों के निर्माण में न तो पत्थर खरीदे गए हैं और न ही उन खरीदे हुए पत्थरों का परिवहन किया गया है। पत्थरों की खरीदी व परिवहन के नाम पर उन्हीं फर्जी बिलों के सहारे जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। बजाग जनपद के दुल्लोपुर ग्रामपंचायत में एक साल पहले कुल 77 बोल्डर चेकडैम बनाए गए हैं। जिसमें एक चेकडैम की लागत राशि डेढ़ से लेकर दो लाख रुपए तक है।

 

 

 

 

दुल्लोपुर के ग्रामीण छूनू सिंह बताते हैं कि आसपास फैले हुए पत्थरों को मजदूरों से एकत्र कर ढेर लगा दिया गया था। जिसको बारिश के पानी को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया था। पानी तो नहीं रुका बल्कि पत्थर ही बह गए। दुल्लोपुर ग्रामपंचायत के सचिव लक्ष्मण सिंह से फर्जी बिल को लेकर जब सवाल किए तो उनकी बोलती ही बंद हो गई। उनका कहना है कि अधिकारियों के कहने पर सब किया गया है।

 

 

 

 

पिपरिया ग्राम पंचायत में एक साल पहले करीब डेढ़ करोड़ की लागत से 50 से अधिक चेकडैम बनाए गए हैं और यहां भी फर्जी बिलों के सहारे जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। जिसकी गवाही जमीन पर गिरा टूटा हुआ बोर्ड दे रहा है। इस खुलासे के बाद एक्सक्यूटिव इंजीनियर आरईइसडीएस बघेल जांच की बात कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं।

 

 

इंडियन टीवी न्यूज़ संवाददाता मो0 सफर ज़िला डिंडोरी मध्य प्रदेश

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