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तालाब में डूबने से दो मासूम बेटियों की मौत,बिना पीएम के हुआ अंतिम संस्कार। जिम्मेदार मृतक के परिजन एवं सरपंच है

रिपोर्टर विजय कुमार यादव

मुख्यालय से सटे कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम अमड़ी के दुलहरी टोला में दो बैगा आदिवासी मासूम बेटियों की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत होने की खबर है। बताया जाता है कि कुछ स्थानीय लोग तालाब में मछली मार रहे थे,जिसको देखकर दो मृत बच्चियां तालाब में नहाने लगी,इसी बीच मछली मार रहे स्थानीय जन तालाब से चले गए,पर मासूम बेटियां वही नहाती रही,इसी बीच कब गहरे पानी मे चली गई किसी को पता ही नही चला,बताया जाता है कि इसी बीच तालाब में स्थानीय युवक नहा रहा था,जिसे बेटियों के डूबने की जानकारी लगी,जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ और दोनों मृत बेटियों को तालाब से बाहर निकालकर घर लाया गया है,और देर शाम अंतिम संस्कार किया गया है,ये दोनों बेटियां 07 से 08 वर्ष की बताई जा रही है,जो स्थानीय बाबू बैगा एवम रवि बैगा की बेटियां बताई जा रही है। सूत्रों की माने तो इस मामले की खबर सम्बन्धित कोतवाली पुलिस को नही दी गई और चोरी चुपके दोनों बेटियों का आनन-फानन में अंतिम संस्कार किया गया है,जो दुर्भाग्यपूर्ण है।अतिसंवेदनशील इस मामले में पूरी घटना क्यों छिपाई गई,और चोरी चुपके जल्दबाजी में बिना पीएम आदि के अंतिम संस्कार क्यों कर दिया गया,यह एक बड़ा सवाल है,इसके अलावा इस मामले में यह भी बड़ी बात है कि जब ग्राम पंचायत का सरपंच चन्दन बैगा भी आदिवासी बैगा समाज से था, तो पीड़ित आदिवासी परिजनों को क्यों नही समझाईश दी गई। विदित हो कि पानी मे डूबने से आश्रित परिवार या परिजनों को प्रदेश सरकार चार लाख की सहायता राशि देती है,बैगा परिवार की बेटी की मौत के बाद अब आश्रित परिवार सहायता राशि से भी बंचित हो गया है।
*आखिर क्यों पुलिस ने शव को निकाला समसान से बाहर 2 बच्चियों के दफनाये गए थे शव।*
उमरिया अमड़ी बीते शुक्रवार को आदिवासी बैगा समुदाय की 2 मासूम बच्चियों की पानी में डूबने से मौत हो जाने के बाद दोनों के शवो को गांव में ही दफनाकर अंतिम संस्कार किया गया था। लेकिन 48 घंटे के भीतर उमरिया कोतवाली पुलिस ने दोनों मासूम के शवो को समसान से बाहर निकलवाया है। पुलिस के इस कार्यवाही से न सिर्फ गांव में बल्कि शहर में भी इस बात की चर्चा जोरों पर है। दरअसल कल शनिवार को जानकारी मिली थी कि उमरिया जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर ग्राम अमड़ी के अंतर्गत दुलहरी गांव में 2 मासूम बच्ची दोनों की उम्र 7 और 8 वर्ष की तालाब में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन और स्थानीय ग्रामीणों एवं सरपंच के द्वारा दोनों बच्चियों के शव तालाब से निकालकर पुलिस को बगैर सूचना दिए और बगैर पोस्टमार्टम कराए गांव के बाहर गड्ढे में दफना दिया गया था।
जब इस घटना की जानकारी पुलिस को लगी तब कोतवाली पुलिस एक्टिव हुई और जानकारी हासिल करने लगी। जब पुलिस की जानकारी पुख़्ता हो गई, तब वह दुलहरी गांव पहुंचकर बच्चियों के परिजनों से इस संबंध में जानकारी ली। पुलिस को जानकारी मिलने के बाद उसने दोनों बच्चियों के शवो को समसान से बाहर निकलवाया है, और अब पुलिस के द्वारा विधिवत कानून सम्मत कार्यवाही कर शव का पीएम कराया जाएगा जिसमें मौत की असली वजह भी सामने आ जाएगी।
2 मासूम बच्चियों के दफनाये गए थे शव चूंकि दोनों आदिवासी बैगा बच्चियों की मौत तालाब में पानी में डूबने से हुई है या अन्य किसी कारण से हुई है इस बात की जानकारी के लिए शव का पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य होता है। लेकिन दूल्हरी गांव में हुई 2 मासूम बच्चियों की मौत मामले में बच्चियों के परिजन बाबू बैगा और रवि बैगा के द्वारा पुलिस को बिना सूचना दिए चुपचाप तरीके से दोनों बच्चियों को दफना दिया गया था इस बात की जानकारी जब मीडिया के माध्यम से पुलिस को लगी तब मामले में संदेह पैदा हुआ। इसके बाद पुलिस कार्यवाही में जुटी है।

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