फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। थाना फतेहगंज पश्चिमी पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने एक बार फिर अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए भटके हुए 10 वर्षीय मासूम बच्चे को सकुशल उसके परिजनों से मिलाकर मानवता की उत्कृष्ट मिसाल पेश की है। इस सराहनीय कार्य से पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास और भी मजबूत हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना शाही क्षेत्र में पीआरवी 0196 पर तैनात पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सूचना मिली कि एक नाबालिग बालक धनैटा फाटक के पास अकेला घूम रहा है और अपने घर जाने के लिए लोगों से मदद मांग रहा है। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बालक से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम अल्फेज (10 वर्ष) पुत्र गुलफाम, निवासी मुरादाबाद बताया।
बालक ने बताया कि वह किसी कारणवश अपने परिजनों से बिछड़ गया और कस्बा शेरगढ़ के मोती बाजार से भटकते हुए धनैटा फाटक तक पहुंच गया। वह मानसिक रूप से घबराया हुआ था और अपने घर का सही पता व मोबाइल नंबर भी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी फतेहगंज पश्चिमी के निर्देशन में हल्का उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार एवं कांस्टेबल नीरज कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे और बालक को सुरक्षित थाने ले आए। यहां पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता के साथ बालक को संभाला और महिला हेल्प डेस्क/महिला शक्ति केंद्र की सहायता से उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
कड़ी मेहनत और सूझबूझ के बाद पुलिस टीम ने बालक के परिजनों से संपर्क स्थापित कर लिया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक को उसकी माता तसीम पत्नी गुलफाम एवं अन्य परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों की आंखें खुशी से भर आईं और उन्होंने पुलिस टीम का दिल से आभार व्यक्त किया।
इस पूरी कार्यवाही में पुलिस टीम की तत्परता, मानवीय दृष्टिकोण और जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों ने भी इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करते हैं और समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “मिशन शक्ति” के तहत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली