बरेली। जनपद के मीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मनकरा गांव में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गेहूं के खेतों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करीब 5 एकड़ से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार आग की शुरुआत गांव निवासी हरिश गंगवार के खेत से हुई। आशंका जताई जा रही है कि खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन से निकली चिंगारी सूखी फसल पर गिर गई, जिससे आग भड़क उठी। उस समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को और भी तेजी से फैलाने का काम किया। देखते ही देखते आग फूलचंद, जसवंत, सत्यवीर और रामदई (पत्नी सोहनलाल) समेत कई किसानों के खेतों तक पहुंच गई।
आग लगने की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पानी की बाल्टियां, ट्यूबवेल और ट्रैक्टरों की मदद से खेतों की जुताई कर आग को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया।
घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को भी दी गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन प्रभारी मुकेश पाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक ग्रामीण आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा चुके थे।
तहसील प्रशासन भी मौके पर सक्रिय हुआ। तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए राजस्व निरीक्षक को निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को शासन के नियमों के अनुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर बिजली लाइनों की जर्जर स्थिति और खेतों के ऊपर से गुजर रही तारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
फिलहाल इस अग्निकांड से प्रभावित किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है, जिससे वे काफी चिंतित और परेशान नजर आ रहे हैं।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली