लक्ष्मी सिंह इंडियन टीवी न्यूज़
कोरबा-बालकोनगर। मां भारती को अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए शहादत देने वाले आजादी के दीवाने चंद्रशेखर आजाद, आजाद भारत में अतिक्रमण की बेड़ियों में जकड़े हुए हैं। इशारों पर चलने वाली प्रशासनिक व्यवस्था इतनी मजबूर है कि चंद्रशेखर आजाद को अतिक्रमण की गुलामी से मुक्त नहीं करा पा रही है। भाषणों में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि भी महापुरुषों की उपेक्षाओं पर आंखें मूंदे बैठे हैं/नजरें घुमा रखे हैं।
यह अनदेखी परसाभांठा, बालको नगर स्थित शहीद चन्द्रशेखर आजाद चौक में सहज ही नजर आती है। यहां स्थापित अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था के बीच घिरी हुई है। बात सिर्फ प्रतिमा की नहीं, उनके सम्मान, उनसे जुड़ी संवेदनाओं और गरिमा का भी है
चंद्रशेखर आजाद चौक का नामकरण बाद प्रदेश के यशस्वी नेताओं की उपस्थिति में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी लेकिन गर्व और श्रद्धा की अनुभूति करने वाला यह स्थल शराब पीने वालों की जगह बन गया है, इस स्थान का कूड़ेदान की तरह उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन की जानकारी में लाने के बाद भी शहीदों के सम्मान को पूरी तरह अनदेखा करने से व्यथित अब्दुल नफीस खान, अधिवक्ता (बालको नगर, कोरबा) 24 अप्रैल को सुबह 9 से शाम 6 बजे तक प्रतिमा के पास एक दिन के शांतिपूर्ण अनशन पर बैठेंगे। अनशन की लिखित सूचना जिलाधीश और आयुक्त को दे गई गई है। अब्दुल नफीस ने कहा है कि यह किसी दल या राजनीति का विषय नहीं है, यह हम सबकी जिम्मेदारी का विषय है।