सहारनपुर
सहारनपुर। एक निजी अस्पताल के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए देहरादून निवासी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल जैन ने न्यायालय की शरण ली है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सहारनपुर स्थित ऐरोमेड अस्पताल (एम.जे.एस. मेडिकल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट प्रा. लि.) के निदेशक व प्रबंधन ने मिलकर उनसे लाखों रुपये की धोखाधड़ी की और उनका बकाया भुगतान जानबूझकर रोक लिया।प्रार्थना पत्र के अनुसार, डॉ. अंशुल जैन ने 27 मई 2023 से अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में सेवाएं देना शुरू किया था। अस्पताल प्रबंधन के साथ हुए समझौते के तहत मरीजों के इलाज से होने वाले लाभ का निर्धारित प्रतिशत डॉक्टर और अस्पताल के बीच बांटा जाना था।आरोप है कि डॉक्टर द्वारा कुल 334 मरीजों का इलाज किया गया, जिससे अस्पताल को करीब 1.36 करोड़ रुपये की आय हुई। इसमें डॉक्टर का हिस्सा लगभग 81 लाख रुपये बनता था, लेकिन उन्हें केवल करीब 25.39 लाख रुपये ही भुगतान किया गया। डॉ. जैन का कहना है कि उनका करीब 55.90 लाख रुपये अब भी बकाया है, जिसे अस्पताल प्रबंधन देने से इंकार कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान मांगने पर उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले में यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन डॉक्टर के नाम का बोर्ड हटाने के बजाय उनका नाम इस्तेमाल कर मरीजों को गुमराह करता रहा। डॉ. जैन ने कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर संबंधित थाना सरसावा में एफआईआर दर्ज कराने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़