रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना|जिले में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने टीएल बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे स्वतंत्र रूप से खेती कर सकें।
उन्होंने तहसीलदारों को विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों की भूमि से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे मामलों की पहचान की जाए, जहां कमजोर वर्गों को उनकी ही जमीन से वंचित कर बंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर किया जा रहा है या उनसे छलपूर्वक काम लिया जा रहा है।
निर्देश दिए गए कि ऐसे प्रकरणों में तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित व्यक्तियों को मुक्त कराया जाए और उनके भूमि संबंधी अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, इन मामलों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि समाधान में देरी न हो।
जनसुनवाई में प्राप्त भूमि कब्जे से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बंधुआ मजदूरी के मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत सहित सभी एसडीएम, जिला अधिकारी और तहसीलदार मौजूद रहे।
प्रशासन का उद्देश्य है कि कमजोर वर्गों को उनके अधिकार दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए और बंधुआ मजदूरी जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म किया जा सके।