इंडियन टीवी न्यूज़ दिनेश श्रीवास्तव मंडल ब्यूरो चीफ
गोंडा- देवी पाटन मंडल में जैसे गोंडा शहर में यह समस्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही हैं लेकिन बात केवल गोंडा तक सीमित नहीं है यह हाल सिर्फ देवीपाटन का नहीं, बल्कि प्रदेश के कई जिलों और जनपदों का बन चुका है गांव से लेकर शहर तक आज बड़ी संख्या में युवा ऑनलाइन सट्टेबाजी, IPL गेमिंग, शराब, जुआ और सोशल मीडिया की दिखावटी दुनिया का शिकार होते जा रहे हैं आज का दौर युवाओं के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक बनता जा रहा है एक तरफ बेरोजगारी आर्थिक तंगी और भविष्य की चिंता युवाओं को मानसिक दबाव में डाल रही है वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन सट्टेबाजी IPL गेमिंग शराब जुआ और सोशल मीडिया की दिखावटी दुनिया उन्हें धीरे-धीरे बर्बादी की तरफ धकेल रही है आज का युवा तेजी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का शिकार बनता जा रहा है मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली चकाचौंध रातों-रात अमीर बनने के सपने और आसान पैसे का लालच युवाओं को गलत रास्ते पर ले जा रहा है IPL सट्टेबाजी ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और फर्जी कमाई वाले प्लेटफॉर्म युवाओं को पहले छोटे लालच में फंसाते हैं फिर धीरे-धीरे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर कर देते हैं शुरुआत में कुछ पैसे जीतने के बाद युवा ज्यादा कमाने के लालच में अपनी पूरी जमा पूंजी तक दांव पर लगा देते हैं जब हार का सिलसिला शुरू होता है तब वही युवा तनाव डर और डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं कई युवा कर्ज में डूब जाते हैं, परिवार से दूरी बना लेते हैं और कुछ गलत कदम उठाकर अपनी जान तक गंवा देते हैं सबसे बड़ा दर्द उस मां-बाप का होता है जिन्होंने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने देखे होते हैं एक गलत लत और ऑनलाइन जाल पूरे परिवार की खुशियां छीन लेता है कई माता-पिता आज अपने बच्चों को नशे जुए और ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से खो रहे हैं आज शराब जुआ और ऑनलाइन IPL सट्टेबाजी युवाओं के जीवन में जहर की तरह फैलती जा रही है सोशल मीडिया पर दिखावे की जिंदगी देखकर युवा खुद को दूसरों से तुलना करने लगते हैं महंगे शौक जल्दी पैसा कमाने की चाह और बिना मेहनत सफलता पाने की सोच उन्हें अंदर से खोखला कर रही है सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन खतरनाक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही जब हर गली चौराहे बड़े-बड़े बाजार मल्टीप्लेक्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक प्रचार के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए जा सकते हैं तो फिर युवाओं को बचाने और जागरूक करने के लिए बड़े अभियान क्यों नहीं चलाए जाते है आज लाखों-करोड़ों रुपये प्रचार-प्रसार में खर्च किए जा रहे हैं लेकिन युवाओं को ऑनलाइन जुए नशे और मानसिक तनाव से बचाने के लिए जमीनी स्तर पर बहुत कम प्रयास दिखाई देते हैं न स्कूलों में मजबूत काउंसलिंग हो रही हैन गांव-मोहल्लों में जागरूकता अभियान न सोशल मीडिया पर रोकथाम के गंभीर संदेश दिखाई देते हैं फेसबुक इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर गलत कंटेंट और फर्जी कमाई के विज्ञापन तेजी से फैल रहे हैं लेकिन उन्हें रोकने या नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई बड़ी और प्रभावी प्रक्रिया नजर नहीं आती आज जरूरत इस बात की है कि सरकार, प्रशासन स्कूल परिवार और समाज मिलकर युवाओं को सही दिशा दें उन्हें समझाया जाए कि शॉर्टकट का रास्ता हमेशा सफलता नहीं देता कई बार वह जिंदगी को अंधेरे में धकेल देता है युवाओं को रोजगार शिक्षा खेल तकनीकी प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी हैअगर समय रहते इस गंभीर मुद्दे पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या समाज और देश के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है हर माता-पिता को भी अपने बच्चों के व्यवहार दोस्ती मोबाइल इस्तेमाल और मानसिक स्थिति पर ध्यान देना होगा क्योंकि कई बार बच्चे अंदर ही अंदर टूट रहे होते हैं लेकिन डर और तनाव की वजह से अपनी बात किसी से कह नहीं पाते आज समाज को यह समझना होगा कि मेहनत से कमाया गया छोटा पैसा भी सम्मान देता है लेकिन लालच और गलत रास्ते इंसान से उसकी जिंदगी और परिवार दोनों छीन लेते हैं अब सवाल सिर्फ इतना है आखिर कब तक युवा ऑनलाइन जुए शराब और सट्टेबाजी का शिकार होकर अपनी जिंदगी गंवाते रहेंगे और कब जागेगा सिस्टम।