डबरा। शहर में नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही अब आम जनता की जान पर भारी पड़ने लगी है। आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, जिससे शहर की सड़कों पर चलना दूभर हो गया है। हाल ही में रघुनंदन नगर में आवारा सांडों ने आतंक मचाते हुए तीन लोगों को अपना निशाना बनाया।
घायल: सांडों के हमले में राकेश गुप्ता, आनंद मोहन गुप्ता और नंदू (मानसिक रूप से कमजोर) घायल हुए हैं।
गंभीर स्थिति: नंदू की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद देर रात ग्वालियर रेफर किया गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका ‘नरक पालिका’ बन चुकी है। न तो अध्यक्ष और न ही वार्ड पार्षदों को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार है।
नेताओं और अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
शहर की इस बदहाली पर स्थानीय राजनेताओं और नगर पालिका के मुख्य अधिकारी (CMO) की चुप्पी शर्मनाक है। विकास कार्य ठप पड़े हैं और सड़कों पर घूमते गोवंश के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
“शहर में अव्यवस्था का आलम यह है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।”
जहाँ एक ओर प्रशासन सोया हुआ है, वहीं ‘साथी हाथ बढ़ाना’ संगठन के सदस्य महेन्द्र सिंह ‘चिंटू’ तोमर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। वे और उनकी टीम प्रतिदिन चांदपुर गौशाला में भूखी गायों के लिए चारे और पानी की व्यवस्था करने में जुटे हैं।
अगर समय रहते प्रशासन ने आवारा पशुओं के लिए उचित व्यवस्था नहीं की, तो डबरा में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के इंतजार में है?
रोहित पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ डबरा