अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
चिचोली।
सावलीगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चूड़िया में सोमवार सुबह मानवता और सजगता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। ग्रामीणों ने कुत्तों के झुंड से एक वन्य प्राणी हिरण को सुरक्षित बचाकर उसे नया जीवनदान दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह चूड़िया क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने एक हिरण पर हमला कर दिया था। कुत्तों के हमले से हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। शोर सुनकर पास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए कुत्तों को भगाकर हिरण को उनके चंगुल से छुड़ाया।
वन विभाग को दी गई सूचना
ग्रामीणों ने हिरण को सुरक्षित करने के बाद तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन अमला सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचा।
”ग्रामीणों द्वारा वन्य प्राणी को कुत्तों के हमले से बचाने की सूचना प्राप्त हुई थी। वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर वन्य प्राणी को अपने संरक्षण में लिया और उसे उपचार के लिए चिचोली लाया गया है।”
भीमा मंडलोई, रेंजर (सावलीगढ़)
पशु चिकित्सालय में उपचार जारी
वन विभाग की टीम घायल हिरण को लेकर चिचोली के पशु चिकित्सालय पहुंची, जहाँ पशु चिकित्सकों द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। फिलहाल हिरण की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह वन विभाग की निगरानी में है। पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद ही उसे पुनः प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।