फतेहगंज पश्चिमी।
मंगलवार को बारिश के साथ आए तेज आंधी-तूफान ने इलाके में भारी तबाही मचा दी। महज 20 मिनट चले चक्रवाती तूफान ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग गिरने से सड़कें बंद हो गईं, जबकि तेज हवाओं से भवनों और गोदामों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
फतेहगंज-शाही रोड पर कस्बे के एक बैंक्वेट हॉल के पास विशाल पेड़ सड़क पर गिर पड़ा, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। वहीं गांव कुरतरा के सामने एक यूकेलिप्टस का पेड़ भी सड़क पर धराशायी हो गया। पास स्थित मंदिर परिसर में खड़ा नीम का पेड़ भी तेज हवाओं के चलते सड़क पर गिर पड़ा। कई जगह पेड़ गिरने से वाहन चालकों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुरतरा से सत्युइया जाने वाला मार्ग भी पेड़ गिरने से पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर पेड़ों को कटवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सुचारू कराया गया।
नेशनल हाईवे के समीप एक इंटर कॉलेज के पास बने टीनशेड गोदाम की छत तेज हवाओं में उड़ गई। वहीं हाईवे किनारे लगे दो बड़े होर्डिंग के पोल भी गिर पड़े, जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इधर राजश्री मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग में लगे शीशे तेज हवा के दबाव से टूट गए। अचानक तेज धमाकों जैसी आवाज सुनकर अस्पताल में भर्ती मरीज, तीमारदार और नर्सिंग स्टाफ घबरा गया। कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
कस्बे में एक बैंक्वेट हॉल की तीन मंजिला इमारत की दीवार गिरने से आसपास के लोग सहम गए। लोगों का कहना है कि इतना तेज तूफान लंबे समय बाद देखने को मिला, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली