राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने शुक्रवार को कचहरी चौक में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने डॉक्टर की ड्रेस पहनकर, हाथों में डिग्री और तख्तियां लेकर ठेले पर झालमुड़ी बेचते हुए केंद्र सरकार और एनटीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई प्रदेश सचिव अजय खटिक ने किया। इस दौरान राहगीरों को प्रतीकात्मक रूप से झालमुड़ी बांटकर युवाओं की बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को दर्शाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने कहा कि भाजपा सरकार में पढ़ा-लिखा युवा आज रोजगार के अभाव में झालमुड़ी बेचने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन सरकार को जगाने और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों में देशभर में करीब 70 बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल परीक्षाओं को व्यवसायिक बना दिया गया है और पूरा सिस्टम केवल अमीरों के हित में काम कर रहा है, जबकि गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों की अनदेखी की जा रही है।
दिव्यांशु मिश्रा ने कहा कि NEET पेपर लीक के बाद कई छात्रों के आत्महत्या करने की खबरें भी सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की निगरानी में कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकांश कार्य आउटसोर्स के माध्यम से किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश जैन, कमल पांडेय, आनंद पटेल, राकेश गुड्डू द्विवेदी, विनीत जायसवाल, सेवादल अध्यक्ष मंगल सिंह, शशांक गुप्ता, सूर्यकांत कुशवाहा, अभिषेक प्यासी, प्रिंस वंशकार, राहुल पटेरिया, कपिल रजक, विजय मंगल चौधरी, अवध यादव, राघवेंद्र सिंह, प्रिंस गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, नारायण निषाद, संदीप हाड़ा, सौरभ पांडेय, शेख शाहिद, बिट्टन तिवारी सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।