दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
स्थानीय तहसील परिसर श्री रामलीला मंच पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन रविवार की संध्या पर बाल व्यास मानस जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा का चौथा सत्र प्रस्तुत करते हुए भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का मंगलोत्सव मनाया।
आरती के उपरांत बाल व्यास मानस जी ने व्याख्यान में कहा कि भागवत कथा भक्ति और सदाचार के साथ जीवन को बल देती है। उन्होंने कहा कि भगवान भक्त की भक्ति देखकर शक्ति प्रदान करते हैं और यह देख कर नहीं चुनते कि भक्त किस जाति, संप्रदाय या सामाजिक अवस्थिति का है। बाल व्यास जी ने ध्रुव और प्रहलाद जैसे बालभक्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि भक्तों पर कष्ट आए तो घबराना नहीं चाहिए, सच्ची भक्ति से ईश्वर किसी रूप में प्रकट होकर संकट हरते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानी होती है तब-तब ईश्वर का अवतार होता है। उन्होंने समाज में घट रहे कलान्ध, गायों को सड़क पर छोड़े जाने एवं धार्मिक संस्थाओं पर आक्रामक रवैये जैसे विषयों पर चिंता व्यक्त की और बताया कि दुद्धी नगर के भक्तों ने संस्कार एवं संस्कृति को वशीभूत करने के उद्देश्य से श्रीमद् भागवत पुराण का आश्रय लिया है।
जन्मोत्सव के अवसर पर भक्तजन नाचे-गाए और भक्ति में लीन रहे। कार्यक्रम में निरंजन जायसवाल, राजेश्वर प्रसाद, संदीप तिवारी, बृजेश यादव, राजेश श्रीवास्तव, भोला अग्रहरि, रमाशंकर सिंह, राजेश अग्रहरि, अविनाश वाह-वाह ,कृष्ण कुमार,संदीप गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।