उरई(जालौन):
जनपद जालौन में स्वास्थ्य सेवाओं पर उस समय प्रश्न चिह्न लग गया जब जालौन के उरई मेडिकल कॉलेज में भाजपा नेता के परिजनों से मारपीट की गयी और इलाज मांगने पर डॉक्टरों पर पिटाई का आरोप लगाया गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई जहां दूरदराज़ से गम्भीर मरीज इलाज कराने आते हैं यहां इस आशय के साथ मरीज आते हैं की मुख्यालय में अच्छा इलाज मिलेगा डाक्टरों को भगवान का दूसरा रूप भी माना जाता है । लेकिन बीती रात मेडीकल कॉलेज जंग का अखाड़ा बन गया। यहां इलाज के लिए पहुंचे भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष हरि किशोर गुप्ता के भाई बृज किशोर गुप्ता और उनके परिवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला- परिजनों के अनुसार, बृज किशोर गुप्ता अपनी बीमार बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। बच्ची दर्द से तड़प रही थी। आरोप है कि तत्काल इलाज की गुहार लगाने पर स्टाफ ने पहले पर्चा बनवाने को कहा। पर्चा काउंटर पर देर तक खड़े रहने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। बृज किशोर गुप्ता ने जब हाथ जोड़कर कहा कि “बच्ची की हालत खराब है, इलाज पहले कर दीजिए”, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मौके पर मौजूद डॉक्टर और जूनियर डॉक्टरों ने अभद्रता की। कुछ ही देर में बाहर से भी लोगों को बुला लिया गया और बृज किशोर के बेटे के साथ मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मरीज के तीमारदारों ने विधायक को फोन किया और घटना से अवगत कराया उसके बाद भी मारपीट नहीं रुकीं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के दौरान उरई सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा को फोन कर मदद मांगी गई। लेकिन फोन के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। परिजनों का कहना है कि इसके उलट उनके साथ और अभद्रता की गई।पुलिस के सामने पिटाई का लगा आरोप- सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पर आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में भी पीड़ितों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। पुलिस मूकदर्शक बन हंगामे को देखती रही। इस बीच कुछ देर के लिए इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित हुई। बाद में भारी पुलिस बल ने पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की पीड़ित पक्ष ने कोतवाली में दी तहरीर- घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने उरई कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना।
उठ रहे सवाल- इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। जब सत्ताधारी दल से जुड़े परिवार को इलाज के लिए संघर्ष करना पड़ा तो आम मरीजों की स्थिति क्या होगी, इसे लेकर चर्चा है। मेडिकल कॉलेज में हुई इस घटना पर प्रशासन और भाजपा जिला संगठन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। और पूरी घटना कैमरे में कैद है अब देखना है की प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। क्योंकि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक जो स्वास्थ्य मंत्रालय का भी दायित्व संभाल रहे हैं और मरीजों की समस्यायों का त्वरित निस्तारण भी कर रहे हैं। और पूरे प्रदेश में लगातार जो डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर रहे हैं उन पर एक्शन ले रहे हैं।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख ITN news)