गरियाबंद
संतन दास रिपोर्ट
थाना फिंगेश्वर क्षेत्र के ग्राम फुलझर निवासी समाजसेवी योगेश्वर साहू ने पुलिस अधीक्षक गरियाबंद को आवेदन देकर गांव के ही 11 लोगों पर फर्जी ST एक्ट में फंसाने और थाना पुलिस पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
योगेश्वर साहू, पिता डिहू राम साहू, ग्राम फुलझर के मूल निवासी हैं। वह गांव में *स्वच्छता अभियान, वन संरक्षण, जल संरक्षण, शराब बंदी एवं गांव के विकास* के लिए निःस्वार्थ भाव से काम करते हैं। मां घटारानी मंदिर में चाय बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
योगेश्वर का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व गांव के *संतु ध्रुव, घनश्याम सेन, ललेशरू ध्रुव, मानिक यादव, हनुमत ध्रुव, कंचन गोस्वामी, चेतन ध्रुव, धर्मेन्द्र दिवान, ढालसिंग ध्रुव* के उकसाने पर नरोत्तम ध्रुव ने उसके खिलाफ फर्जी FIR दर्ज करवा दी।
थाना फिंगेश्वर पर लगे गंभीर आरोप
आवेदन में योगेश्वर ने बताया कि थाना प्रभारी फिंगेश्वर द्वारा बिना निष्पक्ष जांच के भेदभावपूर्ण मंशा से कार्रवाई* की गई। इस फर्जी कार्रवाई से उसके मान-सम्मान में गिरावट आई है और उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वह मानसिक, शारीरिक व आर्थिक रूप से टूट चुका है।
योगेश्वर का कहना है, _”मैं ग्राम में किसी भी विवाद में शामिल नहीं था। ग्राम के सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष एवं गांव के एक-एक आदमी से पूछताछ कर सकते हैं। मुझे फर्जी तरीके से फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।”
SP से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित योगेश्वर साहू ने SP गरियाबंद से मामले की गंभीरता को देखते हुए DSP स्तर के अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर 11 आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई और उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी आरोपियों एवं थाना फिंगेश्वर पुलिस की होगी।*
अब देखना है कि SP गरियाबंद इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं