नजीबाबाद
पत्रकार समाज के जागरूक प्रहरी होने के साथ-साथ अक्सर संकट के समय आगे आकर रक्तदान करते हैं। वे न केवल व्यक्तिगत रूप से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान करते हैं, बल्कि अपने लेखन और कवरेज के माध्यम से समाज में रक्तदान शिविरों के आयोजन और जन-जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों (जैसे ब्लड कैंसर), या प्रसव के दौरान जब किसी मरीज को तत्काल रक्त की आवश्यकता होती है, तो पत्रकार अक्सर सबसे पहले आगे आकर रक्तदान कर जीवन बचाते हैं।आज जब बेकार और फिजूल एवं पिक पत्रकारिता से जहाँ पत्रकारिता बदनाम हो रही है, वहीं, ये ख़बर आपको सुकून देगी की नजीबाबाद में एक ऐसा भी पत्रकार है जो अपने शरीर के रक्त से किसी की जान बचा रहा है नाम है सरफ़राज़ अब्बासी फूल टाईम पत्रकारिता, साथ ही कई डिजीटल प्लेटफॉर्म से सरफराज जुड़े हुए हैं। आज इन्होने अस्पताल पहुंचकर एक जरूरतमंद मरीजनके लिए रक्तदान किया। सरफ़राज़ अब्बासी ने अपने जीवन का 17 वां रक्तदान किया। इससे पहले भी कई बार लोगों को रक्त देकर उनका जीवन बचाने का काम किया हैं।इस अवसर पर पत्रकार सरफराज अब्बासी ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। इस बात का अहसास हमें तब होता है, जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। उस वक्त हम नींद से जागते हैं और उसे बचाने के लिए खून के इंतजाम की जद्दोजहद करते हैं। अनायास दुर्घटना या बीमारी का शिकार हममें से कोई भी हो सकता है। आज हम सभी शिक्षित व सभ्य समाज के नागरिक है, जो केवल अपनी नहीं बल्कि दूसरों की भलाई के लिए भी सोचते हैं, तो क्यों नहीं हम रक्तदान के पुनीत कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें और लोगों को जीवनदान दें। रक्त दान को हमारे समाज में महादान माना गया है। इसकी बजह से प्रतिवर्ष लाखों लोगों को नया जीवन मिलता है। दरअसल इंसान के रक्त को बनाया नहीं जा सकता है। जो ब्लड लोगों द्वारा दान किया जाता है, वही अन्य जरूरतमंद लोगों के लिये इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह रक्त दान द्वारा दूसरों की जिंदगी बचाने का काम होका है। वहीं यह भी जानना जरूरू है कि रक्त दान करने वाले व्यक्ति को भी इससे फायदे होते है।दिल का स्वास्थ्य बेहतर होता है- नियमित रूप से ब्लड डोनेशन करने से आयरन लेवल ठीक बना रहता है। शरीर में आयरन बढ़ जाए तो ऑक्सीडेटिव डैमेज होता है, जिससे टिशू डैमेज होता है। ये दिल की बीमारियों से भी बचाव करता है। ये वक्त से एजिंग होने, स्ट्रोक आने और हार्ट अटैक से बचाव करता है।लीवर की बीमारियों और कैंसर का जोखिम कम- ब्लड डोनेट करने से लीवर पर अच्छा असर पड़ता है। लीवर का कार्य आयरन मेटाबॉलिज्म पर निर्भर करता है। ब्लड डोनेशन से शरीर में आयरन की मात्रा सही बनी रहती है और लीवर डैमेज होने से बचता है। साथ ही, आयरन की अधिकता से लीवर टिशू का ऑक्सीडेशन होता है, जिससे वो डैमेज हो सकता है और आगे चलकर कैंसर बन सकता है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड डोनेट करने से लीवर कैंसर का जोखिम भी कम होता है।