सहारनपुर
सदियों में डॉक्टर बशीर बद्र जैसा कोई शायर पैदा होता है ये बात पार्षद और कार्यकारणी सदस्य मंसूर बदर ने डॉक्टर बशीर बद्र के निधन पर कही सहारनपुर में खानवाड़ा बदर ने 46 से ज्यादा मुशायरा ऑर्गेनाइज करवाए है मंसूर बदर ने बताया कि कभी भी डॉक्टर बशीर बद्र ने हदिया तय नहीं किया जो भी लिफाफे में रख दिया उन्होंने कुछ नहीं कहा ,कभी भी अपनी और से कोई डिमांड नहीं की वर्ष 2001में जब उनकी पत्नी की तबियत भी खराब चल रही थी तब भी वो उनके बहुत इसरार के बाद मुशायरा पढ़ने आए पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि डॉक्टर बशीर बद्र उनको हमेशा अपना भतीजा ही मानते आए है उनके वालिद ए मरहूम अय्यूब हसन बद्र को वो अपना भाई मानते थे सहारनपुर में मेला गु घाल के मुशायरा में साल 97,98,99,2001,2002में उन्होंने शिरकत की और अपनी शायरी से लोगो को दीवाना बनाया!
हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते है!
उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में !!
कोई हाथ भी ना मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से!
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फासलो से मिला करो!!
पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि आज उनका परिवार भोपाल में रहता है लेकिन इससे पहले वो मेरठ में रहते थे जब एक दंगे में उनका घर जला दिया गया तो उन्होंने शेर कहा!
लोग टूट जाते है एक घर बनाने में!
तुम तरस नहीं खाते हो बस्तिया जलाने में!!
आज एक ऐसे शायर ने दुनिया से रुखसत ली जो हर आमो खास का शायर था पार्षद मंसूर बदर के साथ समाज सेवी महेंद्र तनेजा,जामा मस्जिद कला के सेक्रेट्री मसूद बदर,प्रबंधक मौलवी फरीद, औसाफ गुड्डू,राव महबूब,पार्षद समीर अंसारी पार्षद सईद सिद्दीकी पार्षद इज़हार मंसूरी पार्षद महमूद हसन पार्षद गुलज़ेब खान पार्षद ज़फ़र अंसारी पार्षद रईस पप्पू पार्षद आसिफ अंसारी पार्षद डॉक्टर मंसूर पार्षद एडवोकेट जावेद पार्षद मेनपाल मसरूर बदर कमाल मलिक,इमरान अंसारी,बिलाल अंसारी,ने उनको खिराजे अकीदत पेश की!
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़