केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों के उपयोग और बिक्री पर कड़े नियम लागू किए हैं, लेकिन कालाहांडी जिले की वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। सरकार के तंबाकू प्रतिबंध नियम सिर्फ कागजों ,कलम तक ही सीमित हैं। प्रशासन से लेकर आम आदमी तक, इन नियमों का पालन करने का दिन-प्रतिदिन लगाम नहीं लग रहा है, स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में, पान की दुकानों, चाय की दुकानों, बस स्टैंडों, बाजारों और शिक्षण संस्थानों , मंदिर,बैंक के पास ,गुटखा, खैनी, जर्दा, पान मसाला और विभिन्न प्रकार के तंबाकू उत्पाद खुलेआम बिक रहे हैं। ई-सिगरेट भी बेची जा रही है, कई जगहों पर 18 साल से कम उम्र के छात्र आसानी से इन्हें खरीद सकते हैं। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के अनुसार, स्कूलों और कॉलेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है, लेकिन आरोप हैं कि जिले के कई शिक्षण संस्थानों के पास ऐसी दुकानें बेरोकटोक चल रही हैं। यह एक ऐसी आदत है जो युवाओं को नशे की ओर धकेलती है। तंबाकू विशेषज्ञ भी गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है, लेकिन आम जनता पर इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है। तंबाकू के सेवन से कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं, फिर भी लोग इसके प्रति जागरूक नहीं हैं। दूसरी ओर, प्रशासन द्वारा जुर्माने जैसी कानूनी कार्रवाई की खबरें भी बहुत कम हैं! नतीजतन, नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों का मनोबल बढ़ रहा है, एक सर्वे से पता चल रहा है 15 वर्ष से अधिक आयु की आबादी में शराब के सेवन में, भारत में समग्र रैंकिंग 9.91% थी, जबकि ओडिशा 16.13% के साथ नौवें स्थान पर रहा। इसी तरह, भांग के उपयोग के मामले में, ओडिशा 4.5% के साथ रेड ज़ोन में था। जहां 2014-15 में गुटखा की बिक्री से वार्षिक राजस्व 174.71 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में राज्य ने 1234.88
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने राज्य विधानसभा को सूचित किया कि पिछले एक दशक में ओडिशा ने सिगरेट, गुटखा और पान मसाला सहित तंबाकू उत्पादों से मूल्य वर्धित कर (वैट/टैक्स) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में कुल 6,782.61 करोड़ रुपए था ।
Fssai के निमय के अनुसार स्वास्थ परिवार कल्याण विभाग निर्देश क्रमांक 2065 के अनुसार तंबाखू निषेध किया गया था । इसके साथ स्वस्थ और निशा मुक्त समाज गठन करने के लिए सरकार सहयोग करने के लिए निर्देश दिया है ।
ओडिशा कालाहांडी से रिपोर्ट
सूरज कुमार अग्रवाल