कालाहांडी जिले के जयपटना पुलिस स्टेशन के एक होम गार्ड के निलंबन की घटना हाल ही में विभिन्न हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। सूचना के अनुसार, कालाहांडी एसपी नागराज देवरकोंडा ने जयपटना पुलिस स्टेशन के होम गार्ड, पवित्र मोहन नाइक को काम से निलंबित कर दिया है। जयपटना पुलिस स्टेशन के थाना अधिकारी अर्जना नाइक ने अनुशासन हीनता और अन्य आरोपों के तहत निलंबित किए गए होम गार्ड के बारे में एक बयान में कहा है कि संबंधित होम गार्ड ने अपने पद का दुरुपयोग किया है और स्थानीय क्षेत्र में अवैध काम कर रहा है।
उसके बारे में काफी चर्चा हो रही है। उस पर पुलिस की अनुमति के बिना विभिन्न तरीकों से पैसे इकट्ठा करने और कई अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है
संबंधित होम गार्ड के निलंबन के बाद विभिन्न पक्षों से उनकी संपत्तियों की जांच की मांग उठ रही है। जयपटना शहर में कई वर्षों से नशीली दवाओं की लत, जुआ और सट्टा जैसी घटनाएं आम हैं। पुलिस की जानकारी में यह मामला चल रहा है। पुलिस की अक्षमता के बावजूद होम गार्ड को निलंबित किए जाने की घटना विभिन्न अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करती है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने कालाहांडी एसपी को इस मामले की जांच करने के लिए पत्र लिखा है। पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध लेन-देन और रिश्वतखोरी की जा रही है।
एक होम गार्ड के निलंबन के बाद कई तरह की बातें चर्चा में हैं। पवित्र मोहन जयपटना का स्थायी निवासी होने के कारण इसका फायदा उठा रहा था। उस पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्थानीय क्षेत्र में कई अवैध लेन-देन ( हफ्ता असूली) से भारी मात्रा में धन के इकट्ठा का आरोप लगाया गया है। वहीं दूसरी ओर, एक साधारण होम गार्ड होते हुए पवित्र मोहन इतना बड़ा साम्राज्य कैसे चला सकता था,? सवाल उठ रहे हैं कि क्या काला धन सिर्फ पवित्र मोहन की जेब में जा रहा था या किसी अन्य बड़े भ्रष्ट व्यक्ति के हाथों में था। जिला पुलिस अधीक्षक से इन आरोपों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
ओडिशा से रिपोर्ट सूरज कुमार अग्रवाल