लोकेशन छतरपुर
एंकर-छतरपुर जिले में एक गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला लवकुशनगर और जिला अस्पताल से जुड़ा है, जहां 23 वर्षीय महिला की हालत बिगड़ने के बाद उसे रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही और समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण महिला की जान चली गई।
जानकारी के अनुसार ज्योति देवी पत्नी फूल सिंह राजपूत (23) निवासी ग्राम कितपुरा, थाना गौरिहार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पेट में असहनीय दर्द होने पर परिजनों के साथ लवकुशनगर अस्पताल पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक वहां मौजूद डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि महिला की बच्चेदानी में “कचरा” है और सफाई करनी पड़ेगी।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने सफाई की प्रक्रिया के लिए 6 हजार रुपए की मांग की। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजनों ने 5 हजार रुपए लेने का आग्रह किया। आरोप है कि डॉक्टर ने अस्पताल में आवश्यक सामग्री नहीं होने की बात कहते हुए अन्यत्र इलाज कराने की सलाह दी। बाद में 5 हजार रुपए लेकर महिला की सफाई की गई। परिजनों के अनुसार महिला करीब तीन माह की गर्भवती थी और गर्भ खराब हो चुका था।
परिवार का कहना है कि प्रक्रिया के बाद कुछ समय तक महिला सामान्य रही, लेकिन थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां पहले प्रसूति वार्ड में भर्ती किया गया, लेकिन स्थिति गंभीर देखते हुए आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि महिला को पर्याप्त उपचार नहीं मिल सका और न ही जरूरी जांच समय पर हो पाई। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने की इच्छा जताई, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया।
परिजनों ने बताया कि महिला के पहले पति की मृत्यु हो चुकी थी और उसकी तीन बेटियां हैं। वर्तमान पति फूल सिंह के साथ यह उसका पहला बच्चा था। वहीं पुलिस एमएलसी में महिला की मृत्यु का कारण अज्ञात बताते हुए रास्ते में मौत होना दर्ज किया गया है। मामले को लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
नमन नायडू
ब्यूरो चीफ छतरपुर MP