राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी में मानसून के आगमन से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रभारी कलेक्टर हरसिमरनप्रीत कौर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेकर सभी विभागों को सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके, सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। प्रभारी कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 जून से जिला, विकासखंड और नगर निगम स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जर्जर स्कूलों और आंगनबाड़ी भवनों में किसी भी हालत में कक्षाएं संचालित न हों। साथ ही ऐसे भवनों को चिन्हित कर खाली कराने और पुनः सर्वेक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए। निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग एवं चेतावनी संकेतक लगाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बाढ़ संभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयों, पशु चिकित्सा सुविधाओं और चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को सर्पदंश के मामलों में संवेदनशीलता बरतने तथा अस्पतालों में एंटी वेनम इंजेक्शन की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया।
प्रभारी कलेक्टर ने खनिज विभाग को पानी से भरी खतरनाक खदानों का चिन्हांकन कर बैरिकेडिंग कराने, खुले बोरवेल बंद कराने और पेयजल पाइपलाइन लीकेज सुधारने के निर्देश भी दिए। वहीं सभी एसडीएम को कुशल तैराकों की अद्यतन सूची तैयार रखने को कहा गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्यों में उनकी मदद ली जा सके।
इसके अलावा संभावित राहत शिविरों के लिए स्थान चिन्हित करने, नावों और बचाव उपकरणों की उपलब्धता का सत्यापन करने तथा वर्षाजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अमले को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।