किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
कोरबा।
जिले की कोयला खदानों से प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण, स्थानीय ग्रामीणों के विस्थापन और श्रमिकों के कथित शोषण जैसे मुद्दों को लेकर भू-विस्थापितों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ओपन कास्ट माइंस (ओसीएम) से प्रभावित ग्रामीणों ने कोसाबाड़ी से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचते हुए जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को भी प्रदर्शनकारियों ने पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। बाद में उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए त्वरित समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मानिकपुर ओपन कास्ट माइंस क्षेत्र में राखड़ (फ्लाई ऐश) की डंपिंग की जा रही है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि तेज हवा और बारिश के दौरान उड़ने वाली राख घरों, खेतों और पेयजल स्रोतों को दूषित कर रही है, जिससे लोगों में श्वास संबंधी बीमारियां और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि राखड़ का प्रदूषण हसदेव नदी के जल को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।