*कन्हान नदी में जहरीला पानी छोड़ने वाली एथनॉल कंपनी पर कार्रवाई न होने से आक्रोश, चक्का जाम की चेतावनी*
ग्रीन लोहिया एनर्जी एथनॉल कंपनी द्वारा कन्हान नदी में जहरीला केमिकल युक्त पानी बहाए जाने के मामले में जांच पूरी होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता और ढुलमुल रवैये के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस (जिला-पांढुर्णा) ने उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में सोमवार (15 जून) को युवा कांग्रेस पदाधिकारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को एक स्मरण पत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
*जांच में प्रदूषण की पुष्टि, फिर भी प्रशासन मौन*
युवा कांग्रेस द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, कन्हान नदी में कंपनी द्वारा जहरीला पानी छोड़े जाने की शिकायत पूर्व में 20 मई को की गई थी। इसके बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच भी कराई गई, जिसमें नदी में जल प्रदूषण होने की पुष्टि साफ तौर पर हो चुकी है। अत्यंत खेद का विषय है कि रिपोर्ट आने के बावजूद दोषी एथनॉल कंपनी के खिलाफ अब तक कोई भी कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
*जलीय जीव मरे, फसलों और मवेशियों को भारी नुकसान*
कार्रवाई न होने से शह पाकर कंपनी लगातार नदी में जहरीला रसायन बहा रही है, जिससे कन्हान नदी का पानी पूरी तरह विषैला हो चुका है। इसके कारण नदी के जलीय जीव मर चुके हैं और आस-पास के गांवों में फसलों व मवेशियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन की इस सुस्ती को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिससे क्षेत्र में कभी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
*फैक्टरी सील करने और सीईओ को दंड देने की मांग*
युवा कांग्रेस ने हाथ जोड़कर प्रशासन से पुनः निवेदन किया है कि पूर्व में आई जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी एथनॉल कंपनी पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने मांग की है कि:प्रदूषक फैक्टरी को तुरंत सील किया जाए।कंपनी के सीईओ अजय कपूर के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।नदी में जहरीला पानी बहाना तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए।
*7 दिन का अल्टीमेटम, होगा उग्र आंदोलन*
युवा कांग्रेस ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 7 दिनों के भीतर दोषी कंपनी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय ग्रामीणों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान होने वाले किसी भी अप्रिय घटनाक्रम या स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
Rajesh choudhree
Pandhurna