आंवला। आंवला कस्बे में शुक्रवार को रामनगर रोड पर एक जमीन पर गेट लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। सूचना मिलने पर हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाया, जहां आपसी सहमति से समझौता हो गया।
यह विवाद रामनगर रोड स्थित एक मजार के पास की पैतृक भूमि को लेकर था। मिरान पुत्र यूसुफुद्दीन, निवासी पक्का कटरा, इस भूमि के मालिक हैं। वहीं, कावेंद्र पुत्र गुलाब सिंह, निवासी रामनगर रोड, ने भी इसी जमीन पर अपनी दुकानें होने का दावा किया था। कावेंद्र का कहना था कि मिरान की जमीन में उनकी भी भूमि शामिल है। यह पुराना विवाद वर्ष 2005 में न्यायालय द्वारा मिरान के पक्ष में तय किया गया था, जिसके बाद से यह भूमि खाली पड़ी थी।
शुक्रवार को जब मिरान ने अपनी भूमि पर मुख्य गेट लगवाना शुरू किया, तो कावेंद्र ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद हिंदू संगठनों को यह सूचना दी गई कि बिना अनुमति के मजार का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस सूचना पर लगभग 15-20 हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध करते हुए निर्माणाधीन गेट को गिरा दिया।
तनाव की सूचना मिलते ही स्थानीय एसडीएम विदुषी सिंह, क्षेत्राधिकारी नितिन कुमार और इंस्पेक्टर बीनू सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और मिरान व हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को थाने ले आए। थाने में दोनों पक्षों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत हुई और एक लिखित समझौता हुआ। समझौते के अनुसार, 28 जून को कावेंद्र की देखरेख में मिरान की जमीन पर दोबारा गेट लगाया जाएगा।
इस दौरान थाने में एडीएम एफ आर , व्यापारी नेता सुनील गुप्ता, सूरजभान गुप्ता, दुर्गेश सक्सेना, रामवीर प्रजापति, आशीष हिंदू, पवन हिंदू, शिव चौधरी, तथा किसान यूनियन की ओर से चौधरी शिशुपाल सिंह, महाराज सिंह यादव, पंकज शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। आंवला कोतवाल बीनू सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझा-बुझाकर लिखित समझौता करा दिया गया है। पुलिस के अनुसार, वर्तमान में मौके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
आंवला एसडीएम विदुषी सिंह ने दोनों पक्षों को कड़े निर्देश देते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया है और उन्होने कहा कि किसी ने शांति व्यवस्था बिगाड़ने या अफवाह फैलाने का प्रयास किया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रवीन कुमार सक्सेना तहसील रिपोर्टर आंवला बरेली