दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)कस्बे में शुक्रवार को नगर व आसपास के ग्रामीण इलाक़ों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर परंपरागत मोहर्रम जुलूस निकाला गया। शांतिपूर्ण रूप से संपन्न इस जुलूस में समुदाय की एकता और सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिली।
जुलूस में ताज़िये, सिप्पड़ और कई अखाड़े शामिल थे। ढोल-ताशे की गूँज के बीच लोगों ने “या अली, या हुसैन” के नारे लगाकर मातम और श्राद्ध की परंपरा को बनाए रखा। जुलूस देर शाम संकटमोचन मंदिर तिराहे पर स्थित अखाड़े में समापन हुआ, जहाँ घंटों तक अखाड़ा प्रदर्शन चला। कलाकारों ने पारंपरिक कौशल विशेषकर लाठी-डंडे के हैरतअंगेज प्रदर्शन दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को मंच पर उपस्थित मुख्य अतिथि व विशिष्ट आगंतुकों द्वारा नगद इनाम व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
जुलूस के दौरान विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने जगह‑जगह खिचड़ी और जलपान की व्यवस्था की, जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया। इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी और केंद्रीय अखाड़ा कमेटी ने आयोजन में शांति बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। मुस्लिम समाज के अनेक लोगों ने भी जुलूस के सुचारू संचालन में सहयोग किया।
जुलूस सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम के बीच निकाला गया। नगर व मार्गों पर पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही। मौके पर सीओ राजेश कुमार राय,प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, एएसआई संजय सिंह ,एसआई अमित कुमार , श्यामजी यादव मौजूद रहे तथा उन्होंने सुरक्षा व मार्ग संचालन का जायज़ा लिया, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।
देर रात निकले ताज़ियों को बढ़नी नाला स्थित कर्बला पर सुपुर्दे-खाक किया गया।
कार्यक्रम में नगरपंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, केंद्रीय अखाड़ा समिति के अध्यक्ष मुजीब खान, सचिव मैनुद्दीन खलीफा, जामा मस्जिद के सदर कल्लन खान, तालिब खान,राकेश आजाद, मुख्तार अन्सारी, अहमद अली, कलीमुल्लाह खान, निजामुद्दीन, रफी खां, इब्राहिम खां, राकेश आज़ाद, सेराज खान, फिरोज खलीफा, टुन्नू खान, रौशन अली, महबूब खान, नेहाल खलीफा, मन्नू खान व बड़ी संख्या में नगरवासी व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।