दुद्धी सोनभद्र ।(विवेक सिंह)पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार मंच के तत्वावधान में शनिवार देर शाम होटल ग्रीन स्टार, दुद्धी में “वन औषधि (जड़ी‑बूटियाँ) के संरक्षण और मानव जीवन में इसकी उपयोगिता तथा औद्योगीकरण के पर्यावरणीय प्रभाव” विषयक भव्य संगोष्ठी आयोजित की गई। मंच का संचालन महामंत्री जितेन्द्र कुमार चंद्रवंशी ने किया।
मुख्य वक्ता कन्हैयालाल अग्रहरि और वक्ता डॉ. लखन राम जंगली, डॉ. वीर अभिमन्यु सिंह ने कहा कि जनपद सोनभद्र विंध्य‑कैमूर पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत वनऔषधि उत्पादों का एक अनूठा क्षेत्र है। यहां शतावर, मूसली, अश्वगंधा, हर्रा, बहेड़ा, चिरौंजी, गोखरू सहित अनेक दुर्लभ जड़ी‑बूटियाँ प्रचुर मात्रा में पायी जाती हैं, जिनका संवर्धन राज्य स्तर पर आवश्यक है।
वक्ताओं ने जंगलों में कटान और हजारों पेड़ों के नुकसान पर दुख व्यक्त किया और वन विभाग से सख्त निगरानी व संरक्षण की मांग की। साथ ही कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय वैद्य और अनुसंधानकर्ताओं की मदद से इन वनऔषधियों की पहचान और सूची तैयार की जानी चाहिए।
पर्यावरण पर आधारित रचनाओं में रुचि रखने वाले डॉ. लखन राम जंगली व डॉ. वीर अभिमन्यु सिंह ने काव्यपाठ कर पर्यावरणीय ज्ञान और अनुभव साझा किये। अध्यक्षता कर रहे डॉ. लवकुश प्रजापति ने विंध्य‑कैमूर पर्वत श्रृंखला के “प्रभवा” परिक्षेत्र का वर्णन करते हुए ऋग्वेद के श्लोकों के माध्यम से उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला।
नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन और अधिवक्ता नंदलाल अग्रहरि ने नंदनवन के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना की और सुप्रीम कोर्ट तथा एनजीटी द्वारा दिए गए पर्यावरण संबंधी निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया। प्रेम चंद्र यादव (अधिवक्ता) ने सोनभद्र से जुड़े निकटवर्ती जिलों में समुचित विकास व जनजागरूकता की आवश्यकता बताई। निरंजन जायसवाल ने विद्यालयों में बच्चों को “एक पेड़, माँ के नाम” जैसे अभियानों के माध्यम से पेड़ लगाने पर बल दिया।
प्रसाद कुंवर पब्लिक स्कूल के अध्यापक बलवंत कुमार ने बताया कि जनपद सोनभद्र में वन क्षेत्र सर्वाधिक (29%) है और इसलिए संरक्षण की विशेष आवश्यकता है। उन्होंने अपने विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने का आश्वासन दिया। दिल्ली दूरदर्शन से सेवारत इसहाक अहमद ने जनहित उदाहरण के रूप में डेनिया पहाड़ के पास 35 हेक्टेयर में शासकीय पहल से की गई भव्य सुरक्षा खाई और वृक्षारोपण के पत्राचार का जिक्र किया।
संगोष्ठी में रामेश्वर प्रसाद राय, विंध्यवासिनी प्रसाद, डॉ. संजय गुप्ता, शिवशंकर प्रसाद सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल की प्रतिमा पर पुष्पार्चन व धूप निर्वचन से की गई। मौके पर अजय धनेंद्र जायसवाल, उपेंद्र कुमार तिवारी, सुशांत क्षेत्री, रेश्मा सुब्बा, भोलनाथ अग्रहरि, डॉ. कृष्णकुमार चौरसिया, राहुल गुरूंग, हेमंत कुमार सहित दर्जनों प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।