मुंबई, 2 जुलाई: जैन समाज के छात्र-छात्राओं के लिए राज्य में मुंबई, पुणे, नवी मुंबई सहित कुल सात स्थानों पर छात्रावास स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय जैन अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल की संचालक मंडल की चौथी बैठक में लिया गया। यह बैठक महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी की अध्यक्षता में मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित की गई।बैठक में महामंडल द्वारा संचालित ऋण एवं ब्याज प्रतिपूर्ति योजनाओं के संशोधित प्रारूप को मंजूरी दी गई। साथ ही ‘विहारधाम निर्माण योजना’ तथा ‘पाठशाला आधुनिकीकरण एवं सशक्तिकरण योजना’ को लागू करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त महामंडल (NMDFC) से निधि प्राप्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। साथ ही विद्यार्थियों के छात्रावास निर्माण से संबंधित प्राप्त मांगों पर चर्चा करते हुए राज्य में मुंबई, नवी मुंबई सहित सात स्थानों पर छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का निर्णय लिया गया।इसके अतिरिक्त, ‘मराठी जैन साहित्य विश्वकोश’ के निर्माण हेतु समयबद्ध कार्यक्रम तय करने का निर्णय लिया गया। कौशल विकास विभाग के सहयोग से कौशल विकास प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (CMEGP) तथा अन्य रोजगारोन्मुख योजनाओं का लाभ जैन युवाओं तक पहुंचाने के लिए उद्योग विभाग के सहयोग से विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से महिला बचत समूहों के लिए विभिन्न योजनाएं लागू करने पर भी सहमति बनी।मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार महामंडल की विभिन्न योजनाओं में जैन समाज की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाज के प्रमुख व्यक्तियों को योजनाओं की जानकारी देने हेतु नई दिल्ली में विशेष बैठक आयोजित करने पर भी चर्चा हुई।महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी ने सतत प्रयासों और प्रभावी अनुश्रवण के माध्यम से जैन अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल के लिए राष्ट्रीय महामंडल से 100 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराने हेतु नई दिल्ली में हुए सामंजस्य करार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर समन्वयक संदीप भंडारी ने अध्यक्ष के कार्यों की सराहना करते