राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के तहत निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। लगभग डेढ़ दशक से जारी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब टनल की खुदाई का मात्र 40 मीटर कार्य शेष बचा है। तकनीकी बाधा नहीं आने पर 15 जुलाई तक टनल की खुदाई पूरी होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दिए जाने के बाद परियोजना के कार्य में तेजी आई है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अनुसार, 11.952 किलोमीटर लंबी इस टनल के पूरा होते ही कटनी सहित छह जिलों के लगभग 1.85 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को नर्मदा का पानी उपलब्ध होगा, जिससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यपालन यंत्री सहज श्रीवास्तव ने बताया कि स्लीमनाबाद टनल क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। इसके माध्यम से न केवल किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा, बल्कि कटनी शहर की पेयजल व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा।
परियोजना से कटनी जिले के 21,823 हेक्टेयर, मैहर के 54,227 हेक्टेयर, सतना के 1,04,970 हेक्टेयर, पन्ना के 448 हेक्टेयर और रीवा के 3,084 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। बरगी बांध से निकलने वाली दाई तट मुख्य नहर प्रदेश की सर्वाधिक जल वहन क्षमता वाली नहरों में शामिल होगी।
करीब 1,600 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण मेसर्स पटेल-एस.ई.डब्ल्यूयू. (संयुक्त उपक्रम), हैदराबाद द्वारा किया जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने के बाद माँ नर्मदा की जलधारा सोन नदी से जुड़ेगी, जिससे प्रदेश के आधा दर्जन जिलों में सिंचाई, पेयजल और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।