किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: आस्था, साहस और सामाजिक संदेश का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए मनेंद्रगढ़ के दो युवा रामनारायण केवट और दुर्गेश गिरी भगवान तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए करीब 2200 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पर रवाना हुए हैं। खास बात यह है कि दोनों युवा नंगे पांव यह लंबी यात्रा पूरी करेंगे। उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, साइकिल चलाने के प्रति जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दे रही है।
बुधवार को यात्रा प्रारंभ करने से पहले दोनों युवाओं ने मनेंद्रगढ़ के प्रसिद्ध सिद्धबाबा धाम, श्रीराम मंदिर और हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और सफल व मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
साइकिल यात्री रामनारायण केवट ने बताया कि यह उनकी तीसरी धार्मिक एवं प्रेरणादायक यात्रा है। इससे पहले वे फरवरी 2024 में अयोध्या तक 19 दिनों की पैदल यात्रा कर चुके हैं। इसके बाद वर्ष 2025 में बाबाधाम की साइकिल यात्रा भी उन्होंने सफलतापूर्वक पूरी की थी। अब तीसरी बार वे अपने साथी दुर्गेश गिरी के साथ तिरुपति बालाजी की कठिन यात्रा पर निकले हैं।
रामनारायण के अनुसार, यह यात्रा करीब 27 दिनों में पूरी होगी। इस दौरान वे रायगढ़, पुरी और मल्लिकार्जुन होते हुए तिरुपति बालाजी पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करना और स्वास्थ्य व पर्यावरण के प्रति जागरूक करना भी है।
स्थानीय लोगों ने दोनों युवाओं के इस साहसिक प्रयास की सराहना की है। उनका कहना है कि आज के आधुनिक दौर में, जब अधिकतर युवा सुविधाओं के बीच जीवन जी रहे हैं, ऐसे समय में नंगे पांव हजारों किलोमीटर की साइकिल यात्रा करना न केवल आस्था और संकल्प का प्रतीक है, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली प्रेरणा भी है। लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयास युवाओं को नशामुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सोचने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।