गुजरात के सूरत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने और संभावित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को नाकाम करने के उद्देश्य से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में, मरीन टास्क फोर्स की टीम ने सूरत के नजदीक स्थित ऐतिहासिक दांडी बीच और उसके आस-पास के संवेदनशील तटीय इलाकों में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाते हुए ‘इंटेंसिव कोस्टल पेट्रोलिंग की।उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाईसमुद्री मार्ग से होने वाली घुसपैठ और किसी भी संदिग्ध हलचल पर पैनी नजर रखने के लिए मरीन टास्क फोर्स के उच्च अधिकारियों के सीधे मार्गदर्शन में यह विशेष सुरक्षा अभियान चलाया गया। इस ऑपरेशन के दौरान मरीन कमांडोज और सुरक्षा बलों की अलग-अलग टीमें बनाकर पूरे कोस्टल बेल्ट को कवर किया गया।नावों और सुनसान ठिकानों का बारीक निरीक्षणपेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षा टीमों ने तटीय क्षेत्रों में निम्नलिखित सख्त कदम उठाए संदिग्ध नावों की जांच समुद्र में सक्रिय और तट पर खड़ी स्थानीय व संदिग्ध मछुआरा नावों की सघन चेकिंग की गई।सुनसान इलाकों में सर्च ऑपरेशन तटीय इलाकों में स्थित निर्जन और एकांत स्थलों पर बारीक निरीक्षण किया गया।संदिग्धों से पूछताछ समुद्र तट के आस-पास अनावश्यक रूप से घूम रहे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जांच कर उनसे पूछताछ की गई।कोस्टल सिक्योरिटी एजेंसियों के अनुसार, समुद्री सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को चौबीसों घंटे चाक-चौबंद रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आने वाले दिनों में भी इस तरह की फुट पेट्रोलिंग और औचक निरीक्षण (Surprise Checking) नियमित रूप से जारी रहेगा।
ब्यूरो चीफ: सुमित शुक्ला