गोंडा अष्टावक्र आश्रम का कायाकल्प, 66 लाख स्वीकृति
रामायण सर्किट में जुड़ेगा गोंडा का अष्टावक्र ऋषि आश्रम। 66.86 लाख से बनेगा हॉल, लाइटिंग और क्यूआर साइनेज। जयवीर सिंह ने दी जानकारी।गोंडा।उत्तर प्रदेश सरकार रामायण काल से जुड़े तीर्थों को संवारने में जुटी है। इसी कड़ी में अब गोंडा जिले को भी रामायण सर्किट से जोड़ा जाएगा। तरबगंज तहसील के अमदही ग्राम स्थित त्रेतायुगीन श्री अष्टावक्र ऋषि आश्रम रामघाटके विकास के लिए सरकार ने बड़ा बजट मंजूर किया है।
पहले चरण में 50 लाख जारी
मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत इस पौराणिक स्थल के विकास के लिए कुल 66.86 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से पहले चरण के लिए 50 लाख रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। परियोजना का निर्माण कार्य *यूपीएसटीडीसी* द्वारा कराया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से सजेगा आश्रम
पर्यटन विभाग के अनुसार विकास कार्यों के बाद श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
1. बहुउद्देशीय हॉल*: ध्यान, योग और विश्राम के लिए अत्याधुनिक हॉल बनाया जाएगा
2. लाइटिंग और भ्रमण पथ*: रात में आकर्षक लाइटिंग और सुगम पैदल पथ तैयार होंगे। साथ ही त्रेतायुगीन इतिहास बताने वाली विशेष बेंच भी लगेंगी
3. डिजिटल जानकारी क्यूआर कोड वाले साइनेज लगेंगे। श्रद्धालु मोबाइल स्कैन कर तुरंत स्थल का इतिहास और महत्व जान सकेंगे
श्रीराम के बाण से जुड़ी है कथा
कहा जाता है कि वनवास से लौटने के बाद भगवान श्रीराम ने इसी स्थान पर अश्वमेध यज्ञ किया था। ऋषि अष्टावक्र के यज्ञ के लिए जब 3 कोस दूर सरयू से जल लाना पड़ा, तो प्रभु श्रीराम ने बाण चलाकर एक जलधारा सीधे आश्रम तक पहुंचा दी। यह धारा आज बरसोत के नाम से जानी जाती है। तभी से इसे रामघाट कहा जाता है।
पर्यटन मंत्री ने क्या कहा
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अष्टावक्र ऋषि आश्रम धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं। विकास के बाद यहां बेहतर सुविधाएं मिलने से धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा और स्था
नीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
उन्होंने कहा, “सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर पहले नंबर पर ले जाना चाहती है।
श्रीनाथ रस्तोगी