गाटा संख्या 355 की करोड़ों की सरकारी भूमि को कराया सुरक्षित, 25 साल पुराने कब्जे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
फतेहगंज पश्चिमी। नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी ने शनिवार को करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को सुरक्षित कराने के लिए बड़ा अभियान चलाया। गाटा संख्या 355 की सरकारी भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे कब्जे के विवाद के बीच नगर पंचायत प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए मात्र चार घंटे में सुरक्षा दीवार का निर्माण करा दिया। नगर पंचायत प्रशासन के अनुसार, उक्त सरकारी भूमि पर करीब 25 वर्षों से कब्जे को लेकर विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि कुछ लोग इस भूमि को आगामी दिनों में कई करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी में थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद नगर पंचायत ने भूमि को सुरक्षित कराने का निर्णय लिया।
प्रशासन का आरोप है कि कार्रवाई को प्रभावित करने के उद्देश्य से स्थानीय दो लोगों ने नगर पंचायत चेयरमैन इमराना बेगम और अधिशासी अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर को ₹23 लाख की रिश्वत देने का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद नगर पंचायत प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस सुरक्षा के बीच मौके पर 9 फीट ऊंची और लगभग 40 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण करा दिया। पूरे अभियान को करीब चार घंटे में पूरा किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहा। अधिशासी अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि सरकारी भूमि जनता की अमानत है और उस पर अवैध कब्जा या अवैध सौदेबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को बेचने अथवा उस पर कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए नगर पंचायत प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम और कथित रिश्वत के प्रस्ताव को ठुकराने की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं।
प्रवन पाण्डेय
इंडियन टीवी न्यूज़
जिला संवाददाता बरेली