किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
कांकेर। जिले में मलेरिया के मामलों में अचानक बढ़ोतरी के बीच दो दिनों में दो 9 वर्षीय छात्रों की मौत हो गई है। स्थिति को गंभीर देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इरादाह और मर्दापोटी छात्रावासों में कुल 11 छात्र मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनका उपचार जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डोमाहर्रा निवासी तीन सगी बहनों को तेज बुखार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 25 जुलाई को 9 वर्षीय करीना विश्वकर्मा की मौत हो गई, जबकि उसकी दो बहनों का इलाज जारी है।
वहीं मर्दापोटी छात्रावास में बुखार और सिरदर्द की शिकायत के बाद छात्रों की जांच की गई, जिसमें शुरुआती जांच में चार छात्र मलेरिया पॉजिटिव मिले। इनमें 9 वर्षीय सुभाष कुमेटी की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे घर ले गए थे। रविवार को हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मर्दापोटी और इरादाह छात्रावासों में कुल 11 छात्र संक्रमित मिले हैं। प्रभावित छात्रावासों और आसपास के गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, जहां जांच, दवा वितरण और उपचार का कार्य जारी है। साथ ही जिले के सभी छात्रावासों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त जया मनु ने बताया कि 22 जुलाई को सभी छात्रावासों में स्वास्थ्य जांच कराई गई थी, जिसमें कोई भी छात्र मलेरिया संक्रमित नहीं मिला था। हालांकि 24 जुलाई के बाद अचानक संक्रमण के मामले सामने आने लगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आर.सी. ठाकुर ने कहा कि जिले में अचानक मलेरिया का प्रकोप देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार छात्रावासों में पहुंचकर जांच कर रही हैं और सभी छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन के सामने संक्रमण को फैलने से रोकना और प्रभावित क्षेत्रों में समय पर उपचार उपलब्ध कराना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।