ऋणमोचन घाट पर नजूल भूमि विवाद में पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला, 9 पर केस दर्ज
अयोध्या।
कोतवाली क्षेत्र के ऋणमोचन घाट में बुधवार की रात नजूल भूमि को लेकर हुआ विवाद खूनी बन गया। आरोप है कि पीड़ित प्रभाकर यादव और उनके परिवार पर एक ही मोहल्ले के 9 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित प्रभाकर यादव का कहना है कि मोहल्ले में नजूल भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। सार्वजनिक हित के लिए उन्होंने नगर निगम से उसी जमीन पर नल लगवाया था। बस इसी बात को लेकर रंजिश पनप गई।
बुधवार रात करीब 8 बजे रामदेव, लक्ष्मण, नरेश, राकेश, गणेश, बिल्लू, मुन्ना, रामजी और रक्षाराम उनके घर पहुंचे। पहले गाली-गलौज, फिर जान से मारने की धमकी दी। विरोध करने पर प्रभाकर के भाई सौरभ पर हमला बोल दिया। बचाने आए भाई दिनेश और उमेश को भी पीटा गया।
प्रभाकर का आरोप है कि इस दौरान आरोपी पक्ष की महिलाओं ने घर पर पत्थरबाजी भी की। डरकर परिवार घर के अंदर भागा तो दरवाजा पीटते हुए धमकी दी— “जब भी मिलोगे जान से मार देंगे।”
पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख आरोपी भाग निकले।
कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि प्रभाकर यादव की तहरीर पर 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और विवेचना जारी है।
सवाल: सार्वजनिक काम की सजा?
मोहल्ले के लोग पूछ रहे हैं कि अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक सुविधा के लिए आगे आता है तो क्या उसे इसी तरह की मारपीट झेलनी पड़ेगी? पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की।