ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,नाहन।
हिमाचल प्रदेश में पिछले लगभग चार वर्षों से बदले की भावना, राजनीतिक प्रतिशोध और अत्याचार की सरकार चल रही है। प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखकर राजनीतिक विरोधियों को झूठे मुकदमों में फंसाने का अभियान चला रही है, जो हिमाचल के लोकतांत्रिक इतिहास पर गंभीर आघात है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जहां-जहां चुनावों में जनता का विश्वास खो रहे हैं और कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ रहा है, वहां अपनी राजनीतिक हताशा मिटाने के लिए भाजपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला नगर निगम चुनाव में सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद भाजपा ने महापौर और उपमहापौर का पद जीता। इसके बाद भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर मुकदमा दर्ज कर राजनीतिक प्रतिशोध लिया गया। इसी प्रकार देहरा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद भाजपा नेता होशियार सिंह को निशाना बनाया गया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि हमीरपुर जिला परिषद चुनाव में 19 में से 17 सीटों पर भाजपा की जीत हुई और कांग्रेस जिला परिषद में अपना अस्तित्व तक नहीं बचा सकी। इसके बाद भाजपा विधायक आशीष शर्मा सहित अन्य नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि सोलन नगर निगम में भाजपा की सफलता के बाद वहां भाजपा पार्षदों को भी राजनीतिक द्वेष का शिकार बनाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पूरे हिमाचल में एक सुनियोजित अभियान के तहत भाजपा नेताओं को झूठे मामलों में फंसाकर डराने और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। लेकिन भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के बीच मजबूती से खड़ा है और कांग्रेस की इस प्रतिशोध की राजनीति से डरने वाला नहीं है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल की जनता सब कुछ देख रही है। कांग्रेस सरकार विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है और अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक विरोधियों पर मुकदमे दर्ज करने का सहारा ले रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को करारा जवाब देते हुए उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी और भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट जनादेश देगी।