किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में उधारी की रकम चुकाने के नाम पर नकली नोटों से भरा बैग भेजने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ₹3.75 लाख की उधारी चुकाने के लिए भेजे गए बैग ने नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में खपाने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
जानकारी के अनुसार, उधारी की रकम लौटाने के लिए एक काला बैग भेजा गया था। बैग में रखे नोटों की गिनती के दौरान ₹500 के नकली नोट सामने आए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। जांच शुरू होने पर पुलिस की टीम सतीश कुमार तक पहुंची।
पुलिस पूछताछ में सतीश कुमार से मिली जानकारी के आधार पर रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के नाम सामने आए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
₹12.50 लाख की नकली करेंसी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल ₹12 लाख 50 हजार की नकली मुद्रा बरामद की है। इसके साथ ही नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किया जा रहा कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच ईवी भी जब्त की गई है।
मामले का खुलासा पुलिस ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने नकली नोट कहां-कहां खपाए और इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
कवर्धा में सामने आए इस मामले ने नकली नोटों के कारोबार को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।