रितेश कुमार ब्यूरो चीफ बालोद छत्तीसगढ़
राष्ट्रीय मंच पर पार्वती मंडावी और पिलेश्वरी नेताम ने महिला सशक्तिकरण व गांवों के विकास की रखी तस्वीर
बालोद। महाराष्ट्र के आदर्श ग्राम हिवरे बाजार में 18 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय ‘आनंदी कुटुम्ब समृद्ध ग्राम’ कार्यक्रम में बालोद जिले की दो महिला सरपंचों ने अपनी प्रभावी सहभागिता दर्ज कराई। ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच श्रीमती पार्वती मंडावी और ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम ने राष्ट्रीय मंच पर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक समृद्धि तथा ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों सरपंचों ने पद्मश्री पोपटराव पवार तथा आत्मीयता यूनिवर्सिटी, राजकोट के चेयरमैन स्वामी त्यागवल्लभ जी की उपस्थिति में अपने गांवों में किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की जानकारी दी।
स्व-सहायता समूहों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
गुजरा की सरपंच श्रीमती पार्वती मंडावी ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके समूह द्वारा व्यापक स्तर पर आम के पौधों का वृक्षारोपण किया जा रहा है। उन्होंने हिवरे बाजार के विकास मॉडल को समझने के लिए अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी अध्ययन भ्रमण कराने की इच्छा व्यक्त की।
वहीं दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम ने शासन द्वारा संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षणों से युवाओं और युवतियों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
राष्ट्रीय मंच पर बालोद के ग्रामीण विकास की झलक
कार्यक्रम के दौरान दोनों महिला सरपंचों ने अपने गांवों के विकास से जुड़े अनुभव साझा करने के साथ ही देशभर से आए प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर बालोद जिले की महिला जनप्रतिनिधियों की सहभागिता को महिला नेतृत्व और पंचायती राज व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से जिले के पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिल रहा है। हिवरे बाजार में बालोद की दोनों महिला सरपंचों की सहभागिता ने जिले के ग्रामीण विकास और महिला नेतृत्व को नई पहचान दिलाई है।