रितेश कुमार ब्यूरो चीफ बालोद छत्तीसगढ़
जलभराव में फंसे मछुआरों-किसानों को सुरक्षित निकालने का किया गया प्रदर्शन, लाइफ जैकेट और फ्लोटिंग डिवाइस के उपयोग की दी जानकारी
बालोद, 20 अगस्त 2026। जिले में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने और आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बालोद द्वारा सिवनी स्थित तांदुला जलाशय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों, स्कूली विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को बाढ़ की स्थिति में स्वयं तथा दूसरों की जान बचाने के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।
मॉक ड्रिल के दौरान आपदा बचाव दल ने सीमित संसाधनों का उपयोग करते हुए बाढ़ के पानी में सुरक्षित रहने और बचाव करने के कई सरल एवं कारगर तरीके बताए। पुराने पीपों और खाली प्लास्टिक बोतलों को जोड़कर अस्थायी तैरने वाला उपकरण (फ्लोटिंग डिवाइस) तैयार करने और उसके उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया।
लाइफ जैकेट पहनने का कराया गया अभ्यास
बचाव दल द्वारा जलाशय में लाइफ जैकेट को सही तरीके से पहनने और आपात स्थिति में उसके उपयोग का भी प्रदर्शन किया गया। उपस्थित लोगों एवं विद्यार्थियों को समझाया गया कि जल आपदा के दौरान घबराने के बजाय उपलब्ध सुरक्षित संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद महत्वपूर्ण है।
जलाशय में फंसे लोगों को बचाने का किया मॉक प्रदर्शन
मॉक ड्रिल का प्रमुख आकर्षण तांदुला जलाशय के बाढ़ के पानी में फंसे मछुआरों एवं किसानों को बेहोशी की हालत में सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन रहा। बचाव दल ने तत्परता से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पीड़ितों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी सफल अभ्यास किया गया।इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों को परखने के साथ ही आम नागरिकों को आपदा के समय सही तरीके से प्रतिक्रिया देने और अपनी तथा दूसरों की जान बचाने के उपायों के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, एडीशनल एसपी श्री चंद्रकांत गवर्ना, डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो, आपदा प्रबंधन टीम के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।