झांसी, 25 अगस्त 2026। कंज्यूमर वॉयस एवं कंज्यूमर गिल्ड, स्कोर फाउंडेशन के सहयोग से इनोवेशन सेल एवं DST टेक्नोलॉजी एनेबलिंग सेंटर, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी द्वारा 21 अगस्त 2026 को शराब के गैर-जिम्मेदाराना सेवन की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा को लेकर युवा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को शराब एवं नशीले पदार्थों के स्वास्थ्य, सामाजिक एवं कानूनी दुष्प्रभावों तथा नशे की स्थिति में वाहन चलाने से उत्पन्न सड़क सुरक्षा जोखिमों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसपी सिटी, झांसी श्रीमती प्रीति सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। नशे की स्थिति में वाहन चलाने का एक गलत निर्णय कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकता है। युवाओं को स्वयं सुरक्षित रहने के साथ अपने साथियों को भी जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना चाहिए।” उन्होंने युवाओं से नशे की स्थिति में वाहन न चलाने और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम के वैलेडिक्टरी सत्र की अध्यक्षता बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने की। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय का दायित्व केवल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाना भी है। युवाओं में स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, कानून और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता विकसित करना सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
प्रो. सुनील कबिया, निदेशक, IQAC, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब विद्यार्थी अपने ज्ञान को व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हैं। उन्होंने युवाओं में अनुशासन, जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे अभियानों की निरंतरता पर बल दिया।
डॉ. लवकुश द्विवेदी, समन्वयक, इनोवेशन सेल ने कहा, “युवा समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्हें नशे के दुष्प्रभावों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता, नवाचार और प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवाओं में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को प्रभावी रूप से बढ़ावा दिया जा सकता है।”
कंज्यूमर गिल्ड के चेयरमैन अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने शराब पीकर वाहन चलाने के कानूनी एवं व्यावहारिक जोखिमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशे में वाहन चलाना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के जीवन को गंभीर खतरे में डालने वाला गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है। उन्होंने युवाओं से नशे की स्थिति में वाहन न चलाने तथा अपने साथियों को भी ऐसा करने से रोकने का आह्वान किया।
प्रो. एम. एम. सिंह, डीन, इंजीनियरिंग विभाग ने युवाओं की ऊर्जा एवं प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में उपयोग करने तथा नशे से होने वाले व्यक्तिगत एवं सामाजिक नुकसान को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। हेमंत उपाध्याय, कंज्यूमर वॉयस ने उपभोक्ता जागरूकता, जिम्मेदार व्यवहार और सड़क सुरक्षा के परस्पर संबंध पर प्रकाश डाला, जबकि मधुबन पांडेय, स्कोर फाउंडेशन ने सामाजिक जागरूकता एवं जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में शराब के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी प्रभावों के साथ-साथ नशे की स्थिति में वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को नशे की स्थिति में वाहन न चलाने, सुरक्षित परिवहन विकल्प अपनाने तथा किसी अन्य व्यक्ति को भी नशे की हालत में वाहन चलाने से रोकने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. निष्ठा व्यास, डॉ. दिलीप शर्मा, डॉ. रोहित पीयर्डन, श्री सौरभ सविता, श्री सतीश कुमार, सुश्री चंद्रिका एवं श्री रोहित खरे सहित अन्य शिक्षकों एवं सहयोगी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि “सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी है।” इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, कंज्यूमर वॉयस, कंज्यूमर गिल्ड एवं स्कोर फाउंडेशन के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
Shakti Singh reporter
ITN national news jhansi