काठमांडू। नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 270 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। �
The Pioneer +1
ग्लेशियर और चट्टानों के टूटने से आई तबाही
प्रारंभिक जांच के मुताबिक नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर से बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा। इसके बाद पानी और मलबे का तेज बहाव नदियों में पहुंचा और देखते ही देखते आसपास के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना ने नेपाल के साथ-साथ तिब्बत के कुछ हिस्सों को भी प्रभावित किया है। �
Reuters +1
हजारों लोग प्रभावित, सड़कें और पुल तबाह
बाढ़ की वजह से कई इलाकों में सड़कें और पुल बह गए हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार नेपाल में 19 पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई जगह बिजली, संचार और दूसरी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इससे राहत टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। �
The Times of India
288 भारतीयों से संपर्क नहीं
इस आपदा का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 288 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि 21 भारतीयों को बचाया जा चुका है। इनमें कई लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े हुए थे। भारत सरकार नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। �
हेलीकॉप्टर और सुरक्षा बलों से रेस्क्यू अभियान
नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। खराब मौसम, तेज बहाव और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं। �
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में हुई इस त्रासदी के बाद भारत ने भी मदद की पेशकश की है। भारतीय अधिकारियों की ओर से नेपाल के साथ संपर्क बनाए रखा गया है और राहत प्रयासों में सहयोग किया जा रहा है। प्रभावित भारतीय नागरिकों के परिवारों को जानकारी देने और सहायता पहुंचाने के लिए भी प्रयास जारी हैं।