*मधुबनी मठ के पास निशा मेडिकल स्टोर में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई, दुकानदार पकड़ा गया*
*दुकान का लाइसेंस नहीं मिला, ट्रामाडोल व डायजेपाम युक्त दवाएं बरामद; NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी*
संग्रामपुर
प्रखंड क्षेत्र के मधुबनी मठ के पास वार्ड नंबर-3 स्थित निशा मेडिकल स्टोर में ड्रग विभाग ने जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई की। ड्रग इंस्पेक्टर सागर सोनी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में दुकान से विभिन्न प्रकार की दवाएं एवं इंजेक्शन बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान दुकानदार कन्हैया कुमार पंडित को पकड़ा गया।
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, जांच के दौरान दुकानदार द्वारा दवा दुकान का लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराया जा सका। दुकान में रखी दवाओं की जांच के दौरान ट्रामाडोल और डायजेपाम युक्त दवाएं भी मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग इंस्पेक्टर ने NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
*बरामद दवाओं में ट्रामाडोल व डायजेपाम वाली दवाएं*
कार्रवाई के बाद सामने आई तस्वीरों में Pyeevon Spas Plus के कई पैकेट, Spasmo-Proxyvon Plus तथा Diazepam Injection I.P. (Steppam) समेत अन्य दवाएं एवं इंजेक्शन दिखाई दे रहे हैं।
बरामद दवाओं की वास्तविक मात्रा, संख्या, बैच नंबर और अन्य विवरण विभागीय जब्ती सूची में स्पष्ट होंगे। ड्रग विभाग द्वारा इन दवाओं से संबंधित खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
*कोटवा के अभिषेक ड्रग और गणेश मेडिकल से दवा लाने की बात कही*
पूछताछ के दौरान दुकानदार कन्हैया कुमार पंडित ने बरामद दवाओं को कोटवा स्थित अभिषेक ड्रग और गणेश मेडिकल से लाने की बात स्वीकार की है। इसके बाद मामले में दवाओं के खरीद-बिक्री के नेटवर्क की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है।
अब ड्रग विभाग के स्तर से यह जांच की जा सकती है कि संबंधित दवाएं किन माध्यमों से निशा मेडिकल स्टोर तक पहुंचीं, इनके खरीद संबंधी बिल और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं तथा संबंधित दवाओं की आपूर्ति और बिक्री नियमों के अनुरूप हुई थी या नहीं।
हालांकि, अभिषेक ड्रग और गणेश मेडिकल की भूमिका के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। इस संबंध में विभागीय जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
*थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की प्रक्रिया*
ड्रग इंस्पेक्टर सागर मणि सोनी फिलहाल थाने में आवेदन देकर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। आवेदन के आधार पर पुलिस स्तर पर भी मामले में कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग द्वारा अब दुकान से बरामद दवाओं के साथ-साथ दवा खरीदने के स्रोत, बिक्री रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, बिल, चिकित्सकीय पर्चे और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
*दुकानदार की पहचान*
कार्रवाई में पकड़े गए दुकानदार की पहचान कन्हैया कुमार पंडित, पिता हरिनंदन पंडित, निवासी राजपुर मठिया, पोस्ट डुमरा सागर चूरामन, पूर्वी चंपारण, बिहार के रूप में बताई गई है।
*कार्रवाई के बाद दवा दुकानदारों में हड़कंप*
मधुबनी मठ के पास दवा दुकान पर ड्रग विभाग की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के अन्य दवा दुकानदारों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। कार्रवाई के बाद अब दवा दुकानों के लाइसेंस, स्टॉक और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की जांच को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
मामले में अब ड्रग विभाग की जांच और पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। खासकर बरामद दवाओं की वास्तविक मात्रा, उनके खरीद स्रोत और दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। NDPS एक्ट की कौन-कौन सी धाराएं लगाई जाएंगी और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या नहीं, यह जांच एवं प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्पष्ट होगा।