📰 स्वास्थ्य विशेष | जुन्नारदेव एक्सप्रेस
बिना डिग्री-डिप्लोमा कम्प्यूटरीकृत जांच के नाम पर थमा रहे चश्मे के नंबर
150 से अधिक ऑप्टिकल दुकानों पर अनट्रेंड स्टाफ बन बैठे डॉक्टर
शहर में आंखों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। जिले में 150 से अधिक चश्मे की दुकानें संचालित हैं, जिनमें से कई जगह बिना किसी डिग्री या अनुभव के अनट्रेंड स्टाफ लोगों की आंखों की जांच कर चश्मे के नंबर दे रहे हैं। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर कई दुकानदार बिना कम्प्यूटरीकृत जांच के चश्मे का नंबर देने के साथ ही बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं तक बेच रहे हैं। इससे लोगों की आंखों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
🔴 बिना डॉक्टर के नहीं दे सकते नंबर
चश्मे का नंबर देने के लिए दो साल का ऑप्टोमेट्रिक्स डिप्लोमा कोर्स जरूरी है। इसके बाद भी क्लिनिकल ऑप्टोमेट्रिक्स के लिए चिकित्सकीय विशेषज्ञ की अनुमति आवश्यक होती है। जिले की अधिकांश चश्मे की दुकानों पर ऑप्टोमेट्रिस्ट डिप्लोमाधारी स्टाफ उपलब्ध नहीं है।
💊 दवा तक लिख देते हैं दुकानदार
कई दुकानदार लोगों को दवा तक लिखकर दे रहे हैं। कई बार मोतियाबिंद, शुगर या अन्य कारणों से आंखों पर प्रभाव पड़ता है और नजर कमजोर हो जाती है। ऐसे में अनट्रेंड दुकानदार केवल चश्मे का नंबर निकालकर दे देते हैं और मरीज की आंखों की रोशनी पर इसका असर पड़ सकता है।
👓 गलत नंबर से हो सकती है परेशानी
डॉक्टरों का कहना है कि चश्मे का गलत नंबर मरीज को कई तरह की परेशानी दे सकता है। इससे सिरदर्द, आंखों में दर्द और कभी-कभी आंखों में धुंधलापन तक आ सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के चश्मे का नंबर नहीं निकलवाना चाहिए।
🔍 जांच कर कार्रवाई की जाएगी
चश्मे की दुकान की आड़ में आंखों की जांच करने वाले लोगों की जांच कराई जाएगी। चश्मे की दुकान वाले केवल डॉक्टर द्वारा दिए गए नंबर से ही चश्मा बना सकते हैं। यदि दुकानदारों ने आंखों की जांच करना बंद नहीं किया तो दुकानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
– डॉ. अर्चना कैथवास, सीएमएचओ, छिंदवाड़ा
⚠️ विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार इन दुकानों की गतिविधियों से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। आंखों की जांच एवं इलाज के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। चश्मे बनाने वाले दुकानदारों के पास यह विशेषज्ञता व अनुभव नहीं होता, इसलिए वे आंखों की जांच और इलाज के लिए योग्य नहीं हैं।
🛑 अपनी आंखों की सेहत से समझौता न करें
सही जांच और सही नंबर ही सुरक्षित दृष्टि की गारंटी है।