डबरा में बारिश बनी काल, मकान गिरने से मां-बेटे की मौत
डबरा। बुधवार रात हुई तेज बारिश डबरा के जंगीपुरा इलाके में एक परिवार के लिए दर्दनाक हादसा लेकर आई। यहां एक जर्जर कच्चे मकान का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय कमरे में परिवार के पांच सदस्य मौजूद थे, जो मलबे के नीचे दब गए।
हादसे में 33 वर्षीय सीमा और उनके दो वर्षीय बेटे आदित्य उर्फ गुड्डू की मौत हो गई। वहीं सीमा के पति जागेंद्र और उनकी दो बेटियां वैशाली व रागिनी घायल हो गईं।
हादसा रात के समय हुआ। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने देखा कि परिवार के सदस्य मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही डबरा सिटी पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सीमा की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं दो वर्षीय आदित्य ने भी दम तोड़ दिया।
सीमा के पति जागेंद्र और दोनों घायल बच्चियों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है।
मां और बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार और मोहल्ले के लोग अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल में इलाज की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। परिजनों का कहना था कि जब सीमा को अस्पताल लाया गया था, तब उनकी सांसें चल रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर समय पर बेहतर इलाज मिलता तो शायद सीमा की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद SDM नवकीरण कौर, SDOP सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली और अस्पताल से जुड़ी शिकायत की जांच कराने की बात कही।
बताया जा रहा है कि जागेंद्र का परिवार पिछले करीब 15 वर्षों से इसी मकान में किराए से रह रहा था। जागेंद्र ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में काम करते हैं और रोज डबरा से ग्वालियर आना-जाना करते हैं। उनकी पत्नी सीमा भी घरों में काम करके परिवार की आर्थिक मदद करती थीं।
हादसे के समय परिवार की दो अन्य बेटियां नैंसी और गौरी रिश्तेदार के घर गई हुई थीं। इसी वजह से दोनों इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से बच गईं।
मकान गिरने की घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। SDM ने क्षेत्र में मौजूद जर्जर मकानों की पहचान कराने और ऐसे भवनों को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
एक ही रात में मां और छोटे बेटे को खोने के बाद परिवार के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने और बच्चों की पढ़ाई में मदद का भरोसा भी दिया गया है।
डबरा के जंगीपुरा में हुआ यह हादसा एक बार फिर जर्जर मकानों की सुरक्षा और बारिश के मौसम में ऐसे भवनों को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
*✍ रोहित पाण्डेय मध्य प्रदेश स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल*