(1.0) दिनांक-05.09.2026 को डॉ प्रदीप कुमार,उप विकास आयुक्त, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी की अध्यक्षता में मनरेगा योजना की समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई।
उक्त बैठक में निदेशक, एन०ई०पी०, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), सहायक अभियन्ता (मनरेगा), कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कनीय अभियन्ता एवं पंचायत तकनीकी सहायक उपस्थित थे।
(2.0) मानव दिवस सृजन समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिला स्तर पर 18.63 प्रतिशत की उपलब्धि है, जबकि राज्य स्तर पर 17.17 प्रतिशत की उपलब्धि है। कुछ प्रखण्डों की उपलब्धि निराशाजनक पायी गई, जिसमें मेहसी प्रखण्ड में 6.98 प्रतिशत, कल्याणपुर प्रखण्ड में 8.41 प्रतिशत, बंजरिया प्रखण्ड में 12.44 प्रतिशत, संग्रामपुर प्रखण्ड में 12.56 प्रतिशत, रामगढ़वा प्रखण्ड में 12.76 प्रतिशत, चिरैया प्रखण्ड में 13.02 प्रतिशत एवं कोटवा प्रखण्ड में 13.86 प्रतिशत है। सभी संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों को कम से कम 50 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त करने का निदेश दिया गया।
(3.0) पी०एम०ए०वाई०जी० अभिसरण समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिला स्तर पर कुल 19194 योजनाओं में से 2817 योजनाओं में एम०आर० निर्गत कर 14.86 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई है, जिसमें कुछ प्रखण्डों की उपलब्धि असंतोषजनक है, जो इस प्रकार है: पताही प्रखण्ड में 0.63 प्रतिशत, रक्सौल प्रखण्ड में 0.90 प्रतिशत, अरेराज प्रखण्ड में 1.32 प्रतिशत, पिपराकोठी प्रखण्ड में 1.92 प्रतिशत, संग्रामपुर प्रखण्ड में 3.23 प्रतिशत कोटवा प्रखण्ड में 4.63 प्रतिशत, हरसिद्धि प्रखण्ड में 6.19 प्रतिशत एवं पकड़ीदयाल प्रखण्ड में 7.02 प्रतिशत एवं छौड़ादानों प्रखण्ड में 7.02 प्रतिशत की उपलब्धि है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को पी०एम०ए०वाई०जी० अभिसरण में एक सप्ताह के अन्दर अपेक्षित प्रगति प्राप्त करने का निदेश दिया गया।
(4.0) ई०-के०वाई०सी० समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले कुल 436472 सक्रिय मजदूरों में से 393305 मजूदरों का ई० के०वाई०सी० कर जिला स्तर पर 90.17 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई है। कुल 42887 ई० के०वाई०सी० हेतु लंबित है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अन्दर शत-प्रतिशत सक्रिय मजदूरों का ई०-के०वाई०सी० कराने का निदेश दिया गया।
(5.0) जियो टैगिंग समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जियो टैगिंग में जिला स्तर पर प्रथम फेज में 09 मामले, द्वितीय फेज में 1373 एवं तृतीय फेज में 1994 मामले लंबित है, जिसमें तृतीय फेज में सबसे अधिक मामले पकड़ीदयाल प्रखण्ड में 201, घोड़ासहन प्रखण्ड में 183, केसरिया प्रखंड में 174, बनकटवा प्रखंड में 141, कल्याणपुर प्रखंड में 139, मोतिहारी प्रखंड में
112, रामगढ़वा प्रखंड में 109 मामले लंबित है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अन्दर तीनों फेज के सभी लंबित मामले का निष्पादन कराने का निदेश दिया गया।
(6.0) कार्य पूर्णता :- समीक्षा के क्रम में पाया गया कि मनरेगा के तहत कुल 43399 योजनाएँ प्रारंभ की गई, जिसमें 2287 योजनाएँ पूर्ण कर 5.27 प्रतिशत की उपलब्धि प्राप्त की गई है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को कार्य योजना बनाते हुए कम से कम 90 प्रतिशत अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
(7.0) वृक्षारोपण योजना इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष-2026-27 के लिए जिला स्तर पर 950400 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें मात्र 22.20 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अन्दर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार योजना प्रारंभ करने का निदेश दिया गया।
(8.0) जल जीवन हरियाली अंतर्गत पौधशाला सृजन एवं सघन वृक्षा रोपण, भवनों में छत वर्षा जल संचयन की संरचना का निर्माण एवं सार्वजानिक कुओं एवं चापाकलो के किनारे सोख्ता निर्माण की गहन समीक्षा की गई। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को लंबित कार्य पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
(9.0) सोसल ओडिट की सभी मामले की समीक्षा की गई सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को लंबित मामले को पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह की ख़ास रिपोर्ट