भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था, अधूरा कार्य कर सचिव ने लगाई फर्जी रिपोर्ट
- बदायूं/नौगवा नसीर नगर। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और साफ-सफाई के लिए लाखों रुपये का बजट जारी किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इसमें पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला विकास खंड म्याऊं के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नौगवा नसीर नगर का है, जहां ग्राम पंचायत सचिव पर पुराने रास्ते की साफ-सफाई का अधूरा काम कराकर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने और फर्जी निस्तारण रिपोर्ट लगाने का गंभीर आरोप लगा है ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत नौगवा नसीर नगर में मार्ग पर लंबे समय से गंदगी और जल भराव की समस्या बनी हुई है और डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे ग्रामीणों का निकलना दुर्लभ हो गया है इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) और उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत के बाद ग्राम पंचायत सचिव दीपक गुप्ता ने खानापूर्ति के नाम पर केवल कुछ ही मीटर रास्ते पर सफाई करवाई और अधिकांश रास्ते को वैसे ही बदहाल छोड़ दिया। आइजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत का निस्तारण कर उच्च अधिकारियों को भेजी फर्जी रिपोर्ट हैरानी की बात तो यह है कि सचिव ने सफाई का कार्य पूरा दिखाए बिना ही, चालाकी से पुराने या आधे-अधूरे कार्य की तस्वीरें खींचकर उच्च अधिकारियों को ‘कार्य पूर्ण’ होने की फर्जी आख्या निस्तारण रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी। जब ग्रामीणों ने शिकायत का स्टेटस देखा, तो वे हैरान रह गए क्योंकि जमीनी स्तर पर रास्ता आज भी कीचड़, मलबे और जल भराव से पटा हुआ है। सचिव की इस कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण कमल सिंह ठाकुर गजेंद्र सिंह मनोज अनुज उमेश गुड्डू रामदास शहर यदुनाथ अभिषेक आदि ने बताया कि सचिव द्वारा कागजों में तो विकास और सफाई का काम पूरा दिखा दिया गया है, लेकिन हकीकत में स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने आइजीआरएस पोर्टल पर दोबारा फीडबैक शिकायत दर्ज कर उच्च अधिकारियों से गांव के रास्ते पर जल भराव कीचड़ आदि की समस्या का समाधान करने की मांग की है

