तीन दिवसीय महा समागम संपन्न, उमड़ा आस्था का सैलाब
अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल। सतलोक आश्रम उड़दन में बीते तीन दिन आस्था, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत रामपाल महाराज के 76 वें अवतरण दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय महा समागम का भव्य समापन मंगलवार को हुआ। 6 सितंबर को संत गरीबदास महाराज की अमृतवाणी के अखंड पाठ से शुरू हुआ यह समागम, देखते ही देखते जनसैलाब में बदल गया। इन तीन दिनों में हजारों श्रद्धालु सहपरिवार पहुंचे और पूरे तीन दिन आश्रम परिसर में भीड़ का तांता लगा रहा। संत रामपाल महाराज के सानिध्य में सेवादारों द्वारा की गई पुख्ता व्यवस्था के चलते सभी को सुचारू रूप से सत्संग श्रवण, भंडारा और प्रदर्शनी का लाभ मिला।
*आश्रम में हुए जनकल्याणकारी कार्य*
यह महासमागम सिर्फ सत्संग तक सीमित नहीं रहा। बीच के दिनों में यहां समाज सुधार की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। रक्तदान शिविर में युवाओं ने बढ़-चढक़र रक्तदान किया, दहेजमुक्त आदर्श विवाहों ने समाज को नई दिशा दी, तो विशाल भंडारे में हर धर्म, हर वर्ग ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर समानता का संदेश दिया। आध्यात्मिक प्रदर्शनी और देहदान जागरूकता ने लोगों को आत्मचिंतन पर मजबूर किया।
गौरवपूर्ण क्षण: रक्तश्री सम्मान से सम्मानित हुआ आश्रम
इसी कड़ी में आश्रम के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण भी आया। मानवता की सेवा में किए जा रहे कार्यों के लिए बैतूल के माननीय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.सौरभ सोनवाने द्वारा सतलोक आश्रम उड़दन, बैतूल को रक्त श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही कलेक्टर ने संत रामपाल महाराज के सानिध्य में चल रही अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत जरूरतमंद एवं असहाय परिवारों के लिए किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों की दिल खोलकर सराहना भी की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के निरंतर प्रयासों का प्रोत्साहन है।